उप्र राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2020 को मिली मंजूरी, अब अविवाहित और विवाहित पुत्री के साथ थर्ड जेंडर को भी संपत्ति में बराबर का अधिकार

लखनऊ,एमएम: उत्तरप्रदेश के योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि अब अविवाहित और विवाहित पुत्री के साथ थर्ड जेंडर को भी माता-पिता की संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। कैबिनेट ने उप्र राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने अविवाहित और विवाहित पुत्रियों के साथ थर्ड जेंडर संतानों को भी पारिवारिक सदस्य माना है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सकुर्लेशन उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप को मंजूरी दी।

राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के प्रारूप में संपत्ति में अधिकार की परिभाषा को स्पष्ट कर दिया गया है। इसके मुताबिक माता-पिता, विवाहित पुत्री व भाई, अविवाहित बहन, थर्ड जेंडर संतान को संपत्तियों में अधिकार होगा। थर्ड जेंडर को भू-खातेदार के परिवारिक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इससे थर्ड जेंडर को भौमिक अधिकार और उत्तराधिकार प्रदान किया जा सकेगा। कैबिनेट ने ये फैसला थर्ड जेंडर को समान अधिकार और सामाजिक मान्यता दिलवाने के लिए लिया है।

राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 को लागू करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने, उत्तराधिकार के नियमों को स्पष्ट करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन प्रस्तावित किया है। इससे औद्योगीकरण के लिए भूमि की उपलब्धता की प्रक्रिया आसान हो सकेगी. उत्तराधिकार के नियम स्पष्ट होंगे और लोक प्रयोजन के लिए भूमि आरक्षित की जा सकेगी।

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