दरभंगा में बाढ़ मचा रही तबाही, दरभंगा-समस्तीपुर मार्ग पर चढ़ा पानी, 12 प्रखंडों की 131 पंचायत पानी में डूबे

दरभंगा,एमएम : बिहार में कोरोना के साथ-साथ बाढ़ की विभीषिका भी झेल रही है। राज्य के 10 जिले बाढ़ से प्रभावित हो गया है। इसमे से 4 जिलों की हालात कुछ ज्यादा ही खराब होते जा रहे हैं। मिथिला प्रक्षेत्र के दरभंगा जिले का भी हाल बेहाल हो रहा है। जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और पश्चिमी प्रखंड, हायाघाट, तारडीह, हनुमान नगर, केवटी और सदर प्रखंड की स्थिति खराब है। दरभंगा जिले में बिना तटबंध टूटे ही बाढ़ तबाही मचा रही है। जिला आपदा विभाग के मुताबिक जिला के 12 प्रखंडों के कुल 131 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं, जिनमें 88 पंचायत पूर्णतः एवं 43 पंचायत अंशतः प्रभावित हैं, जिनमें 413 गांव के 83 हजार 173 परिवार प्रभावित हुए है। जिला आपदा विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर कार्य चलाया जा रहा है। जिले के तारडीह प्रखंड के बिसहथ बथिया, महथौर के पुतइ, कठरा, लगमा पंचायत के बथइ घाट, शेरपुर नारायणपुर पंचायत के चौर सहित कुछ टोलों में खेत-खलिहानों को डुबोने के बाद पानी अब घर-आंगन में प्रवेश कर गया है। महथौर तथा पुतई के पानी से घिरने के साथ ही बिको फाटक से लेकर महादेव स्थान, राजभीड़ी, लहटा, कठरा चौर व पुतइ के बीच सड़क पर पानी बह रहा है।

जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस.एम के मुताबिक सभी प्रभावित स्थानों पर बाढ़पीड़ित व्यक्तियों के लिए सामुदायिक रसोई चलाकर भोजन की व्यवस्था कराई गयी है। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित 271 गांवों में सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। इसमें 71 हजार 212 व्यक्ति को सुबह में भोजन कराया गया। आवश्यकतानुसार पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत के हिसाब से मांग भेजने का भी निर्देश दिया गया है।

आपदा प्रबंधन शाखा प्रभारी पदाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत कार्यों के लिए 243 निजी नाव एवं 39 सरकारी नाव कुल 272 नाव चलवाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की तीन टीमें लगायी गयीं हैं, जिनमें 90 व्यक्ति 17 मोटर वोट के साथ तैनात किए गए हैं, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेकी कर बचाव एवं राहत कार्य कर रहे हैं।

बता दें कि अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी ने एनडीआरएफ टीम के साथ सिंहवाड़ा अंचल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मोटर बोट से भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया है। वहीं हनुमान नगर, केवटी, सिंहवाड़ा सहित सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों में मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य जांच भी की गयी और उन्हें नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराई गयी। उधर बहेड़ी के आथर उतरी पंचायत के केवराकोट के समीप जीवछ नदी में तथा सिरनिया- सिरसिया तटबंध में बाढ़ निरोधक कार्य कर पानी के बहाव को पूर्णतया रोक देने की बात कही गयी है।

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