पूर्वी चंपारण में देर रात गंडक के उफनती धारा में नाव का इंजन फेल, NDRF ने 37 लोगों की बचाई जान

पटना, एमएम: बिहार में इस समय कोरोना के साथ-साथ उत्तर बिहार के लोग बाढ़ की विभीषिका को भी झेल रहे हैं। उत्तर बिहार की लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। खास कर गंडक में पानी का भारी दबाव है। इस कारण नदी तटबंध तोड़कर हर जगह पसरती दिख रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों का निकालने में राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन बल को लगाया गया है। एनडीआरएफ ने पूर्वी चंपारण के प्रभावित भवानीपुर में देर रात नाव पर फंसे 37 लोगों को बचाया। एनडीआरएफ ने गोपालगंज में भी देर रात अचानक बाढ़ से घिर गए एक गांव से भी 31 ग्रामीणों की जान बचाई।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक गंडक नदी का सौ साल पुराना चंपारण तटबंध टूट गया है। इससे पानी पूरे वेग के साथ गांवों और खेतों को लीलता जा रहा था। प्रभावित इलाकों के लोग ऊंची जगहों पर भाग रहे हैं। अचानक आए पानी के कारण पूर्वी चंपारण के भवानीपुर से 37 ग्रामीण एक मोटर चालित नाव से सुरक्षित जगह के लिए निकले, लेकिन इसी दौरान बीच मझधार में नाव का इंजन फेल हो गया। देर रात उफनते पानी के बीच उनकी सांसें अटक गईं। इसी दौरान नाव पर सवार किसी ग्रामीण ने प्रशासन को घटना की सूचना दी। इसके बाद हरकत में आई एनडीआरण्‍फ की टीम तत्‍काल वहां पहुंच गई। उसने नाव पर सवार लोगों को बचा लिया।

उधर गंडक के दबाव के कारण गोपालगंज में भी कई जगह सारण तटबंध टूट गया है। जिले के बैकुंठपुर प्रखंड में तटबंध टूटने के कारण अचानक पानी आ जाने से दर्जनों गांव जलमग्न हो गए। सूचना मिलेन पर एनडीआरएफफ की टीम रात में ही वहां पहंच गई। एनडीआरएफ की टीम ने बैकुंठपुर के जलमग्न सांवलिया गांव में रात में रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 31 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बतादें कि गांव में गंडक नदी का पानी अचानक भर जाने से वे लोग मकानों की छतों पर विषम परिस्थितियों में शरण लिए हुए थे।

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