बारामूला में आतंकी घटना में शहीद सीआरपीएफ के दोनों जवानों का पार्थिव शरीर पहुंचा पटना, एयरपोर्ट पर दी गई श्रद्धांजलि

पटना, एमएम : सोमवार को जम्मू-कश्मीर में बारामुला जिले के क्रेइरी इलाके में सीआरपीएफ नाका पार्टी पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। हमले में बिहार के जहानाबाद के लवकुश शर्मा और रोहतास जिले के खुर्शीद खान शहीद हो गए थे। दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को विमान से मंगलवार को पटना एयरपोर्ट पर लाया गया। यहां पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी गई। वहां गार्ड ऑफ ऑनर व श्रद्धांजलि देने के बाद उन्‍हें उनके गांव रवाना किया, जहां राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार बुधवार को होगा।

एयरपोर्ट पर पहले सीआरपीएफ के अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिहार सरकार के मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा और जय कुमार सिंह, राजद नेता तेजस्वी यादव, विधायक संजीव चौरसिया और कांग्रेस नेता मदन मोहन झा, पूर्व सांसद पप्‍पू यादव ने श्रद्धांजलि दी। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, आईजी संजय सिंह और एसएसपी उपेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। पटना से पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से जवानों के पैतृक आवास भेजा गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरा बिहार शहीदों के परिवार के साथ है। हम इनकी शहादत को भूल नहीं सकते। हमलोग लगातार कहते रहे हैं कि सीआरपीएफ, आईटीबीपी जैसी मिलिट्री फोर्स के जवानों को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। अभी तक सिर्फ सेना के जवानों को ही शहीद का दर्जा मिलता है।

रोहतास जिले के लाल खुर्शीद खान बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के घुसिया कला गांव निवासी स्वर्गीय श्यामुद्दीन खान के पुत्र थे। शहीद की पत्नी नगमा खातून को सोमवार की सुबह सीआरपीएफ अधिकारियों ने शहादत की सूचना मोबाइल पर दी। खुर्शीद सीआरपीएफ में ड्राइवर कांस्टेबल पद पर 24 अक्टूबर 2001 को भर्ती हुए थे।

वहीं जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड के अइरा गांव के लाल लवकुश शर्मा माता-पिता की इकलौती संतान थे। शहीद के पिता सुदर्शन शर्मा ने बेटे द्वारा दिए गए सिम से मोबाइल को चालू किया तो सीआरपीएफ कमांडेंट का फोन आया और उन्होंने लवकुश के शहीद होने की जानकारी दी। लवकुश 2014 में सीआरपीएफ में बहाल हुए थे।

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