उत्तर बिहार में बाढ़ का कहर जारी, दो बांध टूटे, डूबने से आठ की मौत

मुजफ्फरपुर, एमएम : उत्तर बिहार में साल 2020 में मानसून समय से आया। मानसून आने के बाद अच्छी बारिश हो रही है। पिछले शनिवार से लगातार बारिश होने के कारण साथ ही नेपाल में हो रही बारिश से उत्तर बिहार के तमाम छोटी बड़ी नदियों के जलस्तर में काफी उछाल आया है। उत्तर बिहार में बुधवार को बारिश थमने के बाद भी नदियां उफान पर रहीं। बाढ़ का कहर जारी है। लोगों के भोजन और पशुचारा का संकट बढ़ गया है। कई घर ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं उत्तर बिहार के चार जिलों में डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई। बुधवार को पश्चिम चंपारण में तीन, शिवहर और सीतामढ़ी में दो -दो और मधुबनी में एक की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।

पश्चिम चंपारण में वीटीआर का बड़ा हिस्सा जलमग्न है। गंडक का जलस्तर दो लाख 90 हजार क्यूसेक रहा। बगहा में एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन में पानी घुसा है। नौतन, बैरिया और योगापट्टी दियारे के पांच सौ परिवार पलायन कर चुके हैं। एनडीआरएफ की टीम लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रही है। पूर्वी चंपारण में सिकरहना और तिलावे नदी का रिंग बांध टूटने से सुगौली और बंजरिया प्रखंड के गांवों में पानी फैल गया है।

मधुबनी और समस्तीपुर में स्थिति गंभीर है। सीतामढ़ी में बागमती, अधवारा, लखनदेई और लालबकेया नदी लाल निशान के पार है। भिट्ठा मोड़ में एनएच 104 पर पानी बह रहा है। शिवहर में एनएच -104 और एसएच 54 पर पानी जमा रहने से  मोतिहारी व सीतामढ़ी से संपर्क भंग है। दरभंगा के हायाघाट में करेह नदी के तटबंध पर दबाव है। मुजफ्फरपुर के औराई और कटरा की स्थिति यथावत है।

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