मिथिला क्षेत्र में बाढ़ का कहर बरकरार, विभिन्न स्थानों पर बाढ़ में डूबने से 11 लोगों की मौत

पटना, एमएम : बिहार में पिछले तीन दिनों से एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। लिहाजा उत्तर बिहार में दो दिनों से रुक रुक के बारिश हो रही है। अभी चार दिन पहले ही मिथिला क्षेत्र के नदियों में जलस्तर कम होने लगे थे। लेकिन एक बार फिर नदियों में पानी बढ़ना शुरू हो गया है।  इधर रविवार को हल्की बारिश और कड़ी धूप के बीच नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहा। मिथिला क्षेत्र के मधुबनी, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और दरभंगा जिले के दर्जनों गांवों में बाढ़ का कहर जारी रहा। दरभंगा शहर के कई मोहल्ले भी बाढ़ की चपेट में अभी भी हैं।

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे जल संसाधन मंत्री संजय झा ने दरभंगा जिले के तारडीह में कमला नदी के पश्चिमी तटबंध का जायजा लेने के बाद अभियंताओं को कई निर्देश दिए। इसके बाद मधुबनी में पश्चिमी कोशी नहर पर बने ब्रिज ऑफ फॉल समेत कई नहरों का भी निरीक्षण किया। समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड क्षेत्र में बांध विहीन नून नदी के पानी से लोग परेशान हैं। इधर सिंघिया प्रखंड में करेह नदी के पश्चिमी तटबंध पर तैनात होमगार्ड जवान निरंजन प्रसाद सिंह ( 50) की तबीयत बिगडऩे के बाद मौत हो गई। समस्तीपुर -दरभंगा रेलखंड पर 17 वें दिन भी ट्रेन परिचालन ठप रहा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और मुजफ्फरपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी घटने से राहत है। बाढ़ के पानी में डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई। इसमें पश्चिम चंपारण के चार, पूर्वी चंपारण के तीन, मुजफ्फरपुर के दो, मधुबनी और दरभंगा के एक -एक लोग हैं।

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