महागठबंधन में मांझी दरकिनार, झामुमो को मिली एंट्री, कांग्रेस, राजद और जामुमो की बनेगी तिगड़ी ?

रांची/पटना, एमएम : महागठबंधन के घटक दलों के किचकिच से अलग राजद अब बिहार में एक नए तिगड़ी पर काम कर रहा है। वैसे तेजस्वी यादव को लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के अगले कदम का भी इंतजार है। किचकिच से परेशान तेजस्वी ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी को दरकिनार करके साफ कर दिया है कि वह किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं।

इसी साल के अक्टूबर-नवंबर में होने वाला बिहार विधानसभा चुनाव समय के साथ-साथ बड़े-कड़े और रोचक मुकाबले की झलक दिखा रहा है। हालिया दिनों के सियासी सरगर्मी और ताजा फैसले से लग रहा है कि इस चुनाव में विपक्षी महागठबंधन पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगा। महागठबंधन के अगुआ यहां नीतीश सरकार को बेदखल करने को उताहुल दिख रहे हैं। राजद तो कबका इस चुनाव को अपनी प्रतिष्‍ठा से जोड़ चुका है।

राजनीतिक बाजारों में मुद्दा गरम है कि इस बार कांग्रेस के राहुल गांधी के साथ राजद नेता तेजस्‍वी यादव और झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की तिगड़ी यहां मिलकर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को सत्‍ता से बेदखल करने में पूरा जोर लगाएंगे। बिहार चुनावों के लिए जदयू-भाजपा नीत एनडीए गठबंधन और यूपीए के महागठबंधन के बीच यहां सीधा मुकाबला है।

इस चुनाव में झारखंड की सत्‍ताधारी पार्टी झामुमो भी जोर-आजमाइश करेगी। यहां लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ जेएमएम महागठबंधन के विपक्षी मोर्चा में शामिल होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी फिलहाल बिहार में 12 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है।

सुप्रियो ने जानकारी दी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा 12 विधानसभा सीटों तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रूपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में जुटा है। झामुमो राजद के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा होगा।

बतादें कि विधानसभा के 243 सदस्यों  वाला 2015 में चुने गए वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर 2020 को समाप्त होगा। इस बार चुनाव में जेडीयू के नेतृत्व वाले एनडीए और आरजेडी के नेतृत्व वाले यूपीए के बीच दिलचस्‍प लड़ाई होने की पूरी संभावना है।

Leave a Reply