बिहार के सहरसा और खगड़िया में बड़ा नाव हादसा: अब तक 11 शव बरामद, 20 से ज्यादा लापता

सहरसा/खगड़िया, एमएम : बिहार अभी कुदरत की दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ कोरोना तो दूसरी तरफ बाद।इस बीच एक बड़ी खबर सहरसा और खगड़िया जिले से मिल रही है। जहां नाव हादसे में लगभग 30 लोग लापता हो गए। जिसमे से अभी तक 8 के शव बरामद हुए। वहीं 20 से ज्यादा अब भी लापता हैं। दोनों जिला मिलके अब तक कुल 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ की टीम तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। वरीय अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर जुटी हुई है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम तेज आंधी की चपेट में आने से सहरसा में कोसी और खगड़िया के गंडक नदी में यात्रियों से भरी नाव पलट गई। हादसे में एक बच्चा समेत तीन की डूबने से मौत हो थी। जिनके शव देर शाम तक तलाशी अभियान में बरामद  कर लिए गए थे वहीं 30 से ज्यादा लापता हो गए थे। जिनकी तलाश जारी है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर अलानी पंचायत के सहुरी गांव के बीच तेज आंधी की चपेट में आने से मंगलवार की शाम नाव पलट गई। नाव पर सवार 14 में से चार लोग लापता हो गए जिनमें से 2 के शव बुधवार को तलाशी अभियान में मिले। घटना में दो अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश जारी है। एक बच्चे प्रेम कुमार (3) का शव कल ही देर शाम तक बरामद कर लिया गया था।  नाव पर सवार लोगों ने बताया कि नाव पर कुल 14 लोग सवार थे। संजीत चौधरी , रजनी देवी, शोभा कुमारी और  मनसुख (दो महीना) लापता हो गए थे। नाव पर सवार अमर चौधरी ने बताया कि सहुरी से सभी एक नाव पर सवार होकर चिरैया डीलर के पास चावल-गेहूं के लिए गए थे। लौटने के दौरान चिरैया से आगे बढ़ने के बाद बगुलवाटोल जाते-जाते तेज आंधी व बारिश होने के कारण नाव पलट गई थी।

उधर खगड़िया में गंडक नदी दियारा इलाके में मंगलवार की देर शाम तेज आंधी में एक नाव पलटने से लगभग 30 लोग लापता हो गए। जिनमें से बुधवार को चार महिला और दो बच्चों समेत 6 शव बरामद किए गए एसडीआरएफ की टीम तलाशी अभियान में जुटी। डीएम आलोक रंजन घोष समेत अन्य अधिकारी कैम्प कर रहे हैं।  वहीं दो लोगों के शव कल ही बरामद कर लिए गए थे। हादसे में पांच लोग तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हादसे के शिकार अधिकांश लोग सदर प्रखंड के सोनवर्षा गांव के बताए जा रहे हैं।

ताजा जानकारी के अनुसार अभी तक नौ लोगों के शव बरामद किए गए हैं। खोजबीन के लिए  खगड़िया के  संसारपुर घाट अस्थाई कैंप स्थल बनाया गया है। यहां डीएम आलोक रंजन घोष व एसपी मीनू कुमारी के साथ तमाम बड़े-छोटे अधिकारी कैंप किए हुए हैं। खगड़िया और बेगूसराय की एसडीआरएफ टीमें खोजबीन अभियान में लगी हैं। अब तक बरामद शवों में अधिकांश महिलाओं व बच्चों के हैं। अब भी आधे दर्जन से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। डीएम ने कहा कि मृतकों के स्वजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये के चेक दिए जाएंगे।

जिलाधिकारी के मुताबिक नाव पर कितने लोग सवार थे, अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। वैसे पता चला है कि 10 से 12 लोग तैरकर बाहर आए। उन्होंने बताया कि नदी में गश्ती करने को लेकर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने नाविक को आंधी आने की सूचना देकर नाव नहीं चलाने को कहा था। मगर नाविक ने हिदायत के बाद भी नौका को चलाया और इतनी बड़ी घटना हुई। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए नाव मालिक व नाविक पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिए जा चुका है।

मिली जानकारी के अनुसार नदी में पानी बढ़ने व यातायात का साधन नहीं रहने के कारण बूढ़ी गंडक के पार बसे एकनियां दियारा, सोसायटी टोला, सोनवर्षा आदि गांवों के सैकड़ों लोग रोज नाव से ही हाट-बाजार आते-जाते हैं। नाव की सवारी ग्रामीणों की मजबूरी है।

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