समस्तीपुर के शेर शहीद अमन पंचतत्व में विलीन, पुरे सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

समस्तीपुर, एमएम : देश के लिए देना शहादत देना निश्चित रूप से गर्व की बात है। सोमवार रात गलवन घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीननगर के लाल अमन कुमार सिंह का पूरे सैन्य सम्मान के साथ शुक्रवार को सुल्तानपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई रोहित कुमार सिंह ने मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद को सलामी दी गई।

शहीद अमन का पार्थिव शरीर वृहस्पतिवार को गलवन घाटी से लेह, वहां से चंडीगढ़ फिर विमान से पटना लाया गया। जहाँ राज्य के मुख्यमंत्री समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रधांजलि दी। शुक्रवार की सुबह सड़क मार्ग से पैतृक गांव पहुंचा। सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में निकले काफिले के गांव की सीमा में प्रवेश करते ही कोहराम मच गया। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बेताब था। जो जहां था, वहीं से दौड़ पड़ा। हजारों लोगों की भीड़ पिता सुधीर सिंह के दरवाजे पर एकत्र हो गई थी। अन्य गांवों के लोग भी बारिश में भीगते हुए पहुंचे थे।

मिट्टी के लाल को तिरंगे में लिपटा देख गांव व घरवाले गम के अथाह सागर में डूब गए। पिता मां, पत्नी और बहन के चीत्कार से पूरा गांव रो पड़ा। बेटे के पार्थिव शरीर को देखते ही मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। पत्नी भी सुध-बुध खो रही थी। अमन के पिता ने बताया कि बेटे से आखिरी बार 12 जून को बात हुई थी। तब  उसने बताया था कि सीमा पर तनाव जरूर है, पर आपको चिंता करने की बात नहीं।

उसके मायके से पहुंचे माता-पिता संभाल रहे थे। अंतिम यात्रा में शामिल युवाओं के नारे से आसमान गूंजता रहा। ।

शहीद अमन के अंतिम यात्रा में थल सेना के आधा दर्जन अधिकारी व पांच दर्जन जवानों के अतिरिक्त बिहार सरकार के मंत्री महेश्वर हजारी, विधायक डॉ. एज्या यादव, रामचंद्र निषाद, डीएम शशांक शुभंकर, एसपी विकास बर्मन सहित पुलिस प्रशासन, क्षेत्र के नेता और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए।

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