बिहार में बाढ़ का कोहराम जारी, राज्य के 14 जिलों के 56 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित

पटना एमएम : बिहार खास कर उत्तर बिहार में हरेक साल बाढ़ आता है। लेकिन अभी तक इसके समाधान के दिशा में कोई ठोस रणनीति किसी सरकार के पास नहीं है। ना ही केंद्र सरकार इस पर कोई विशेष अमल करती है और ना ही बिहार सरकार। बिहार में बारिश के साथ-साथ नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से एक बहुत बड़े आबादी इसकी चपेट में आती है। हरेक साल आने वाली इस आपदा का जब तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जाएगा तब तक बिहार की आधी आबादी इससे प्रभावित होती रहेगी।

इस साल बिहार के 14 जिले को आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा बाद प्रभावित घोषित किया गया है। आपदा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 14 जिले के  56,53,704 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो इनमें से 4,18,490 लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। आपदा विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि बिहार के 14 जिलों में कुल 56,53,704 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उनकी मानें तो यह आंकड़ा सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण, खगडिया, सारण, समस्तीपुर, सिवान एवं मधुबनी जिले का है। उन्होंने आगे बताया कि इनमें से कुल 4,18,490 लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है।

17,554 लोग 19 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों को भोजन कराने के लिए 1,358 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गयी है। इस बार दरभंगा जिले में सबसे अधिक 18,61,960 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बिहार के बाढ़ प्रभावित इन जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिये एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 31 टीमों की तैनाती की गयी है। बिहार के इन जिलों में बाढ़ का कारण अधवारा समूह नदी, लखनदेई, रातो, मरहा, मनुसमारा, बागमती,  कमला बलान, गंडक, बूढ़ी गंडक, कदाने, नून, वाया, सिकरहना, लालबेकिया, तिलावे, धनौती, मसान, कोशी, गंगा, कमला बलान, करेह एवं धौंस नदी के जलस्तर का बढ़ना है।

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