अयोध्या में 1400 गज में बनेगी नई मस्जिद, CM योगी को अयोध्या मस्जिद शिलान्यास के लिए न्योता देगा इंडो इस्लामिक ट्रस्ट

लखनऊ, एमएम : 5 अगस्त को राम मदिर के भूमि पूजन होने के बाद देश की शीर्ष अदालत द्वारा आवंटित जमीन पर  मस्जिद निर्माण की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में दी गई पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए जन सहयोग से धन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बाबत बोर्ड की ओर से गठित ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन को आयकर की धारा-80 जी व अन्य धाराओं में छूट व अन्य कार्यों के लिए जरूरी पैन (परमानेंट एकाउंट नम्बर) आवंटित हो गया है। अगले सप्ताह पैन के आधार पर ट्रस्ट का बैंक खाता खोला जाएगा।

इसके बाद जिन लोगों ने मस्जिद, अस्पताल व इण्डो-इस्लामिक रिसर्च सेण्टल आदि के लिए सहयोग करने का वादा किया है, उनसे आर्थिक सहयोग के लिए कहा जाएगा। ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर जितने क्षेत्रफल 1400 गज में मस्जिद थी, उतने ही क्षेत्रफल में उसी आकार में नई जगह पर मस्जिद का निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा बाकी बचे स्थान पर एक बड़ा अस्पताल बनवाया जाएगा। अतहर हुसैन के मुताबिक जो ट्रस्ट बनाया है उसमें कुल 15 सदस्यों है, मगर अभी चेयरमैन को मिलाकर कुल 9 सदस्य ही मनोनीत हैं।

उधर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा अयोध्या में मस्जिद तथा अन्य निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट उच्चतम न्यायालय के आदेश पर वक्फ बोर्ड को मिली जमीन पर बनने वाली ‘जन सुविधाओं’ के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित करेगा।

‘इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन’ ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने शनिवार को ‘भाषा’ को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर अयोध्या जिले के धन्नीपुर गांव में वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ जमीन पर अस्पताल, लाइब्रेरी, सामुदायिक रसोईघर और रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। यह सभी चीजें जनता की सुविधा के लिए होंगी और जनता को सहूलियत देने का काम मुख्यमंत्री का होता है। इसी हैसियत से इनके शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा।  उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में न सिर्फ शिरकत करेंगे, बल्कि इन जन सुविधाओं के निर्माण के लिए सहयोग भी करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक निजी टीवी चैनल को दिये गये साक्षात्कार में अयोध्या में मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत किए जाने की संभावना संबंधी सवाल पर कहा था कि ना तो उन्हें बुलाया जाएगा और ना ही वह जाएंगे।

उन्होंने कहा था, ”अगर आप एक मुख्यमंत्री की हैसियत से यह सवाल पूछ रहे है तो मुझे किसी धर्म, मान्यता या समुदाय से कोई परहेज नहीं है लेकिन अगर आप मुझसे एक योगी के रूप में पूछ रहे है तो मैं हरगिज नही जाऊंगा, क्योंकि एक हिन्दू के रूप मुझे अपनी उपासना विधि का पालन करने का अधिकार है।”

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