बिहार में अब सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी होगी कोरोना की जांच, सरकार ने उपलब्ध कराए एंटीजन किट

पटना, एमएम : बिहार में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लिहाजा राज्य सरकार ने सोमवार को स्थिति को देखते हुए राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव उमेश कुमावत को हटा आपदा सचिव प्रत्यय अमृत को नया प्रधान स्वास्थ्य सचिव बनाया है। उसके बाद मुख्याम्नात्री ने कोरोना से संबंधी एक समीक्षा बैठक की। साथ ही निर्देश जारी किया की हर आवश्यक कदम उठाए जाए। इसी के तहत अब बिहार के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानि पीएचसी में एंटीजन किट उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही अब पीएचसी स्तर भी पूरी तरह से कोरोना संक्रमण की जांच शुरू कर हो गई है। इससे प्रतिदिन कोरोना संक्रमण जांच की क्षमता साढ़े पांच हजार तक बढ़ जाएगी।

इसके हो जाने से बिहार में प्रतिदिन 20 हजार सैंपल की जांच का लक्ष्य प्राप्त हो जाने की उम्मीद की जा रही है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को पिछली बैठक में शीघ्र प्रतिदिन 20 हजार सैंपल की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले कोई भी व्यक्ति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी नि:शुल्क एंटीजन जांच करा सकते हैं। लक्षण वाले व्यक्ति की सुलभता से जांच हो, इसी मकसद से पीएचसी स्तर पर डिमांड बेस्ड यह सुविधा उपलब्ध करायी गई है। जांच की रिपोर्ट भी पीएचसी में ही मिल जाएगी।

सचिव ने कहा कि राज्य सरकार को कोरोना संक्रमण की जांच की संख्या बढ़ाने पर मुख्य फोकस है। एक तरफ डिमांड बेस्ड एंटीजन जांच शुरू की गई है। इसमें कोई भी व्यक्ति जिन्हें लगता है कि उन्हें कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं, वे अपनी जांच करा सकेंगे। वहीं दूसरी ओर कंटैक्ट ट्रेसिंग पर फोकस किया गया है। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क वालों का अनिवार्य रूप से जांच कराया जा रहा है। ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके। वर्तमान में प्रतिदिन 14 हजार से अधिक सैंपल की जांच की जा रही है।

बतादें कि अभी तक जांच की यह सुविधा राज्य के अनुमंडल स्तर पर थी, जिसे बढ़ाकर प्रखंड स्तर तक किया गया है। इसके अलावा पटना में 25 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एंटीजन जांच शुरू की गई है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पीएचसी हैं। यहां अभी एंटीजन किट से जांच की जा रही है।

 

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