झमाझम बारिश से डर गया पटना, सड़कों पर जलजमाव, डर के साए में लोगों ने बिताई रात

पटना, एमएम : बिहार में मानसून ने दस्तक दे दिया है। मौसम विभाग के अनुमान से उलट मानसून पहले ही बिहार पहुँच गई। राजधानी पटना में गुरुवार की देर रात तक खूब बारिश हुई। पटना और आस-पास के इलाकों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों की नीदें उड़ा दी साथ ही डरा भी दिया। बारिश इतनी तेज हो रही थी कि लोगों को पिछले साल का डर सताने लगा था। मॉनसून की शुरुआती बारिश की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना में एक घंटे में ही लगभग 10 मिमी बारिश हो गई। हालांकि, यह बारिश देर रात तक होती रही, जिसकी वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है।

बात दरअसल यह है कि पिछले साल इसी समय पटना भारी बारिश की वजह से डूब गया था। पिछले साल करीब 15 दिनों तक पटना में बाढ़ जैसा नजारा दिखाई दिया था। पटना के कदमकुआं, राजेंद्रनगर और कंकड़बाग के कई इलाकों में कमर से अधिक तक पानी भर गया था। वो खौफ का मंजर लोगों के दिमाग से उतर नहीं रहा है। हालांकि पटना में शुक्रवार सुबह बारिश रुकी हुई है, मगर मौसम विभाग की चेतावनी है कि अभी खतरा टला नहीं है।

मौसम विभाग की मानें तो पटना और आस-पास के इलाकों में अभी दो-तीन दिनों तक बारिश के हालात बने रहेंगे। अगर इसी तरह झमाझम बारिश होती रही तो पटना में जलजमाव की विकट स्थिति पैदा हो सकती है। पटना में बारिश से लोगों को गर्मी से छुटकारा तो जरूर मिला है, मगर सड़कों पर जलजमाव से उनकी परेशानियां बढ़ सकती है। झमाझम बारिश की वजह से लोगों को सड़कों पर निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पटना में पिछले चौबीस घंटे में 9.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जिसकी वजह से लोगों को पिछले साल की बुरी और भयावह यादें ताजा हो गईं। बारिश की वजह से पटना के कंकड़बाग, कदमकुआं और राजेंद्र नगर के लोग रातभर खौफ का साए में जागते रहे। लोगों को डर सता रहा था कि क्या पिछली बार की तरह फिर से जलप्रलय झेलना पड़ेगा।

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