बेगुसराय में टूटा बलान नदी का बांध, मुंगेर में भी बाढ़ ने मचाया कोहराम, 23 पंचायतों के 50 से अधिक गांव जलमग्न

बेगुसराय/मुंगेर : बिहार में बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। कुछ नदियों के जलस्तर में कमी आई है। बाबजूद इसके कुछ जिलों का हाल अभी भी बेहाल है। ताजा मामला बेगुसराय से है जहां भगवानपुर प्रखंड के जोकिया-तेलन गांव के निकट बलान नदी का बांध टूट गया है। इससे आधा दर्जन गांवों के तीन सौ से अधिक घरों में पानी घुस गया है। साथ ही सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बांध सुबह करीब साढ़े चार बजे के करीब तीन फीट टूटा। इसके बाद पानी तेजी से गांवों की ओर चल पड़ा। ग्रामीणों ने घटन की सूचना तत्‍काल प्रशासन को दी, लेकिन घंटों तक वहां कोई नहीं पहुंचा। इस बीच बांध लगातार टूटता रहा। घंटों बाद जब एडीएम पहुंचे, जब तक बांध 30 फीट तक टूट  चुका था।

बांध टूट जाने से टांडी, सेलम समेत कई गांव जलमग्न हो गए। बलान नदी की तेज धार करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हुई है। लोग जान-माल की रक्षा के लिए अपने-अपने घर छोड़ कर बांध पर शरण लेने को विवश हैं। बांध टूटने की जानकारी मिलते ही डीएम के निर्देश पर तेघड़ा एसडीओ, बाढ़ नियंत्रण के एसडीओ महेश प्रसाद सिंह व उनकी टीम पहुंच गई है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित आबादी के लिए सामुदायिक रसोई का इंतजाम किया जा रहा है।

इधर मुंगेर में गंगा का जलस्तर भले ही स्थिर हो गया है, लेकिन बाढ़ का तांडव जारी है। गंगा के रौद्र रूप को देखकर दियारा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में बाढ़ का बढ़ता दबाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। इधर बाढ़ के पानी का फैलाव सदर प्रखंड के साथ ही बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा क्षेत्र के चौर क्षेत्र में होने से फसलों की बर्बादी शुरू हो गयी है। हालात ऐसी बन गयी है कि पशु चारा तक की समस्या उत्पन्न हो गयी है।

जिले के सदर प्रखंड, बरियारपुर, जमालपुर एवं धरहरा प्रखंड का 23 पंचायत बाढ़ प्रभावित है। जबकि मुंगेर शहर का 4 वार्ड को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। गंगा स्थिर होने के बावजूद यहां बाढ़ से जन जीवन अस्त-व्यक्त होने लगा है। सदर प्रखंड के 6, बरियारपुर के 11, धरहरा के 3 एवं जमालपुर प्रखंड के 3 पंचायत में बाढ़ अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. मुंगेर सदर प्रखंड के कुतलुपुर, बहादुरनगर, जनमडिग्री, तौफिर, टीकारामपुर, भेलवा, सीताचरण, लक्ष्मीपुर, तारापुर दियारा, मनियारचक, चड़ौन, रामगढ, नौवागढ़ी उत्तरी, रहियादीवानी टोला सहित अन्य टोला बाढ़ से प्रभावित है। कई गांवों में तो बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि कई गांव व टोला बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। जिसके कारण गांव टापू बन गया है। बरियारपुपर प्रखंड का कालाटोला, एकाशी, नीरपुर, कल्याणपुर, खड़िया पिपरा, सरस्वती नगर झड़कहवा, बंगाली टोला, पड़िया तक पानी पहुंच गया है। जबकि जमालपुर प्रखंड का फरदा, सिंधिया एवं धरहरा प्रखंड का शिवकुंड, हेमजापुर, दुर्गापुर, लगमा, बाहाचौकी गांव की और पानी तेजी से फैल रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक सोमवार की सुबह तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। रविवार की तुलना में सोमवार को गंगा का जलस्तर 4 सेंटीमीटर बढ़ा। लेकिन अपराह्न 12 बजे के बाद 38.69 सेंटीमीटर पर गंगा का पानी पहुंच कर स्थिर हो गया है। केंद्रीय जलआयोग कार्यालय मुंगेर की माने तो सोमवार की रात से मंगलवार दिन भर गंगा के जलस्तर में धीमी गति से गिरावट होगी। लेकिन बुधवार से पुन: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो जायेगी। क्योंकि इलाहाबाद से जलस्तर बढ़ते हुए पानी बक्सर तक पहुंच चुका है। अगर इस बार गंगा के जलस्तर में बढोतरी होगी तो डेंजर लेवल को बाढ़ का पानी पार कर जायेगा. जिसके कारण मुंगेर में बड़े पैमाने पर क्षति होगी।

Leave a Reply