बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू, एक ही दिन में टूटे पांच बांध, एनएच 28 पर भी मंडराया खतरा

पटना, एमएम : बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों के उफान पर रहने से बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। हजारों लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ली है। एक ही दिन चंपारण, दरभंगा व गोपालगंज में पांच बांधों के टूट जाने से हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। जगह-जगह सड़क संपर्क भंग हो गए हैं। डुमरियाघाट अर्द्धनिर्मित पुल का एप्रोच रोड ध्वस्त होता दिख रहा है, जिसका असर दिल्ली-गुवाहाटी और काठमांडू को जोड़ने वाले एनएच 28 फोर लेन के पुराने पुल पर भी पड़ेगा। दरभंगा व समस्‍तीपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी आ जाने के कारण रेल यातायात भी बंद कर दिया गया है। राज्‍य में बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित हो चुकी है। लगातार नए इलाकों में पानी का फैलाव जारी है। इस बीच बीत 24 घंटे के दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से 18 लोगों की मौत हो गई है।

बाढ़ से बिगड़ते हालात को देखते हुए शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री संजय झा ने विभागीय प्रधान सचिव संजीव हंस और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के साथ उन क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किश, जहां बांध टूटे हैं। सर्वेक्षण के बाद पटना लौटे मंत्री संजय झा ने माना कि गंडक में अचानक आए 5.35 लाख क्यूसेक पानी का दबाव बांधों पर पड़ा, जिससे वे क्षतिग्रस्‍त हो गए।

बतादें कि उत्तर बिहार के चंपारण में दो और दरभंगा में दो बांधों के टूटने से कई गांवों में पानी फैल गया है।  पश्चिम चंपारण में गंडक का जलस्तर 2. 42 लाख क्यूसेक रहा। सेमरा घाट के पास फिर जमींदारी बांध टूट गया। बेतिया-गोपालगंज मार्ग पर यातायात ठप रहा। पूर्वी चंपारण के भवानीपुर ढाला के पास गंडक ने गुरुवार देर रात चंपारण तटबंध को तोड़ दिया। मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी. शिवहर और मुजफ्फरपुर के बाढ़़ प्रभावित क्षेत्रों बाढ़ से हालात काफी खराब है। दरभंगा के हनुमाननगर प्रखंड के पटोरी गांव में अधवारा का ङ्क्षरग बांध और बेनीपुर में बागमती का जमींदारी बांध टूट गया है। इधर गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड के पुरौना देवापुर तथा बैकुंठपुर प्रखंड के पकहां में सारण तटबंध टूट जाने से मांझा, बरौली तथा बैकुंठपुर प्रखंड के 72 गांवों में गंडक का पानी घुस गया है। सिवान जिले में सरयू का जलस्तर दरौली में खतरे के निशान को पार कर गया है।

वहीं सामरिक और आर्थिक महत्व के डुमरियाघाट पुल पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पानी के दबाव के कारण पुल के समानान्तर में वर्षों से अर्द्धनिर्मित पुल का एप्रोच सड़क ध्वस्त होता दिख रहा है। पुल के एप्रोच रोड के ध्वस्त होने के बाद पानी का सीधा प्रभाव एनएच 28 फोर लेन के पुराने पुल पर पड़ेगा। बतादें कि एनएच 28 दिल्ली-गुवाहाटी और काठमांडू को जोडती है। एनएचएआई के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। बचाव कार्य जारी है।

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