फिर बरपा मौसम का कहर, बिहार के समस्तीपुर, पटना, मोतिहारी समेत सात जिलों में ठनका गिरने से 22 लोगों की मौत

पटना, एमएम : बिहार में इस बार मानसून क्या आया लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिहार के लोग एक तरफ लगातार हो रहे बारिश से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ विभिन्न नदियों में जलस्तर में वृद्धि देखि जा रही है जिससे बाढ़ की आशंका बनि हुई है। प्रदेश में कोरोना का प्रकोप चल ही रहा है। अब ये आसमानी आफद हर तरफ से लोग परेशान हैं।  बिहार में एक बार फिर वज्रपात यानि ठनका का कहर टूटा है। गुरुवार को दोपहर बाद ठनका गिरने से 22 लोगों की मौत की सूचना आ रही है। सबसे अधिक समस्‍तीपुर जिले में आठ लोगों की मौत की खबर है। वहीं, पटना में भी पांच लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में चार लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवाए हैं।

बता दें कि इसके पहले मंगलवार को 11 लोगों की मौत हुई थी। इस तरह, दो दिनों में 26 लोगों की मौत वज्रपात से हो गई है। गौरतलब है कि 23 जून को बिहार में वज्रपात से सबसे अधिक 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

मौसम विभाग लगातार भारी बारिश, वज्रपात व मेघ गर्जन का अलर्ट दे रहा है। हर तीन घंटे के बाद इसकी सूचना दी जा रही है। इसके बाद भी लोग समझ नहीं पा रहे हैं और ठनका की चपेट में आ जा रहे हैं।

http://disastermgmt.bih.nic.in/notice/ts_020720.pdf

गुरुवार को ठनका की चपेट में आने से अलग-अलग जिलों में 23 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें पटना में 9, समस्तीपुर में 8, पूर्वी चंपारण में 4, शिवहर और कटिहार में 2-2 लोगों की मौत हुई है। हालांकि आधिकारिक आंकड़ों में अभी 22 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पटना में 6, पूर्वी चंपारण में 4, शिवहर में 2 , कटिहार में 3, मधेपुरा में 2, और समस्तीपुर में 3 , पूर्णिया और पश्चिमी चंपारण में 1-1 लोगों की मौत की पुष्टि अभी तक की गई है।

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