मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में जल प्रलय, बाढ़ से एनएच 28 कटा, बूढ़ी गंडक नदी का रिंग बांध धवस्त

मुजफ्फरपुर, एमएम : उत्तर बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ से तबाही अब भी घटी नहीं है। सोमवार को मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड में बूढ़ी गंडक नदी का रिंग बांध करीब 150 फीट में बह गया। जिस कारण सैकड़ों परिवार बांध पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं, जबकि मुशहरी, बंदरा व मुरौल के करीब दो सौ लोग बाढ़ के पानी में घिर गए। वहीं मोतिहारी में बाढ़ से एनएच 28 में जबरदस्त कटाव हुआ है जिस कारण 29 जुलाई तक जिला प्रशासन ने सामान्य यातायात को बंद कर दिया है। पूर्वी चंपारण और दरभंगा के बाढ़ पीड़ितों के बीच सोमवार को भी एयर ड्रॉपिंग से सूखे भोजन के पैकेट पहुंचाये गये।

मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध दोपहर करीब ढ़ाई बजे 30 फीट में टूट गया। एक घंटे में ही टूट का दायरा करीब 150 फीट हो गया। रिंग बांध के टूटने से मुख्य बांध के अंदर करीब दो सौ परिवारों को अपने घर से निकलना पड़ा। इन लोगों ने बड़गांव बांध पर शरण ले रखी है। बाढ़ के पानी में करीब दो सौ लोग बुरी तरह घिर गए हैं। उन्हें निकालने के लिए मोटरवोट की मांग प्रशासन से की गई है। वहीं औराई, कटरा, गायघाट, मीनापुर, पारू, सरैया व साहेबगंज सहित जिले के 11 प्रखंड अबतक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

वहीं मोतिहारी में छपवा रक्सौल एनएच छपवा में बाढ़ के पानी से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने इस एनएच पर सामान्य परिचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। इधर, गंडक में वाल्मीकिनगर बराज से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति और खराब हुई है। हालांकि चटिया में गंडक, एवं लालबकेया में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बेतिया के अधिकांश जगहों से बाढ़ का पानी निकलने लगा है। मझौलिया में तीन जगह से जमींदारी बांध टूटने के कारण पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है।

 

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