कोरोना संकट के बीच पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम :  भाई बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहर रक्षा बंधन आज है। भारत में श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को राखी, श्रावणी, सावनी, और सलूनों के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन राखी के धागे को कवच सा शक्तिशाली माना गया है, जो कच्चे सूत, रंगीन कलावे और रेशमी धागे से निर्मित होते  हैं। राखी का यह धागा रक्षा के संकल्प का पवित्र प्रतीक है। यह आंतरिक और बाह्य भय के उन्मूलन का पर्व है। राखी भाई-बहन, गुरु-शिष्य, प्रकृति और मनुष्य के मध्य तारतम्य स्थापित कर सक्षम और समर्थ से अबला और कमजोर की सुरक्षा के संकल्प का त्योहार है। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी ने भी पाताल लोक जाकर राजा बलि को राखी बांधकर उन्हें भाई बनाया था। राणी कर्णवती ने भी राजा हुमायूं को रक्षा के लिये राखी भेजी थी।

हालांकि इस बार त्योहार पर कोरोना का साया दिख रहा है। एक ओर जहां भाई-बहनों के बीच कोरोना दीवार बनकर खड़ी है वहीं दूसरी तरफ लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर भी लोग कुछ सावधानियों के साथ त्योहार माना रहे हैं।रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। इस साल भद्रा व ग्रहण का साया भी रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा। सुबह 9:27 से रात 8:35 तक रक्षाबंधन का मुहूर्त रहेगा।

कोरोना महामारी के बीच सोमवार को भाई बहनों का पवित्र पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र राखी बांध रही है। ज्योतिषाचार्यों की माने तो इस रक्षाबंधन पर पूर्णिमा व श्रवणा नक्षत्र पड़ने से अमृत योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। मिथिला पंचागों को मुताबिक सोमवार को श्रावण पूर्णिमा रात 08.35 बजे तक है। सुबह 08.35 में भद्रा समाप्ति हो जायेगी। इसके बाद राखी बांधने का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होता है। जिस कारण इस बार पुरे दिन कभी भी राखी बांधी जा सकती है।

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