राजद को बड़ा झटका, लालू के समधी चंद्रिका राय समेत 3 विधायक जेडीयू में शामिल

पटना, एमएम : बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस दौरान हरेक पार्टी में नेता सब दल बदल करने में जुटे हैं। दल बदलुओं की मौज है। सब अपने अपने गोटी लाल करने में लग गए हैं। जहां उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित लग रहा है पाला बदल रहे हैं। इसी क्रम में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के ससुर और राजद के वरिष्ठ नेता चंद्रिका राय नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू में शामिल हो गए हैं। चंद्रिका राय के साथ विधायक जयवर्धन यादव और फराज फातमी ने भी जनता दल यूनाइटेड का हाथ थाम लिया है। जेडीयू के पार्टी ऑफिस में तीनों विधायकों को सदस्यता दिलाई गई।

गौरतलब है कि तेज प्रताप और एश्वर्या राय के मामले में लालू परिवार से नाराज चंद्रिका राय पिछले काफी समय से पार्टी लाइन से अलग चल रहे थे। वहीं विधायक जयवर्धन यादव और फराज फातमी के भी सुर बगावती थे। पहले ही यह माना जा रहा था कि तीनों नेता नीतीश कुमार से हाथ मिला सकते हैं।

मालूम हो कि बिहार के पूर्व सीएम दारोगा राय के बेटे चंद्रिका राय राजद पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनकी बेटी एश्वर्या राय का विवाह लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के साथ हुआ था। हालांकि, दोनों में रिश्ते ठीक नहीं चले और बात तलाक तक पहुंच गई।

चंद्रिका राय पिछले कुछ समय से वे पार्टी कार्यक्रमों में भी नहीं पहुंच रहे थे। आखिरकार उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू का दामन थाम लिया। राज सरकार में मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर चंद्रिका राय ने कहा “राजद अब गरीबों की पार्टी नहीं रह गई है। धनी और कारोबारियों की पार्टी हो गई है। टिकट भी अब इसी आधार पर बांटे जाते हैं। जिन गरीबों ने राजद को खड़ा किया था, वे अब निराश हैं। पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दी जाती।”

अब कयास ये लगाए जा रहे हैं कि सारण जिले के परसा विधानसभा क्षेत्र से उन्हें चुनाव लड़ने को कहा जा सकता है जो उनकी पुश्तैनी सीट है जहां से चन्द्रिका राय के पिता दरोगा प्रसाद राय चुनाव लड़ते थे।

चंद्रिका राय को चुनौती देने के लिए राजद ने उनके ही परिवार की सदस्य को चुना है। लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने चंद्रिका राय के बड़े भाई विधानचंद राय की बेटी डॉ. करिश्मा राय को राजद में शामिल करवा दिया। करिश्मा इस साल विधानसभा चुनाव में चाचा चंद्रिका राय को चुनौती देंगी। चुनाव की तैयारियों में जुटीं करिश्मा अपने इलाके के लोगों से लगातार कैम्पेन कर रही हैं।

चंद्रिका राय का राजनीतिक करियर 1985 में शुरू हुआ। पिता दारोगा राय की तरह कांग्रेस के टिकट पर 1985 में चुनाव लड़े और विधायक बने। 1990 में वे लालू प्रसाद की पार्टी में शामिल हो गए। 2005 और 2010 के चुनाव में चंद्रिका राय को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया, लेकिन 2015 में चंद्रिका ने फिर से जीत गए थे।

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