नेपाल से तालमेल बना बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कामों को जल्द पूरा कराएं : नीतीश कुमार

पटना, एमएम : बिहार में मानसून ने दस्तक दे दी है। राज्य के कई हिस्सों में भरी बारिश हो रही है। इस बीच नेपाल के तरफ से तटबंध से जुड़े कामों में अड़चन लगाने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश से बिहार के कुछ नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है। इसी सब को देखते हुए मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संसाधन मंत्री और उस विभाग से जुड़े तमाम आला अधिकारीयों संग एक उच्च स्तरीय बैठक की और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोसी, गंडक, कमला एवं अन्य नदी बेसिन, सीमावर्ती क्षेत्रों में तथा पिछली बार जहां कटाव हुआ था, उन स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा के कार्य पूरी तत्परता से करें। बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर शीघ्र पूरा कराएं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को संभावित बाढ़ की पूर्व तैयारियों का जायजा लिया और कई निर्देश पदाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि तटबंधों के किनारे वृक्षारोपण किये जाएं। इससे तटबंधों को मजूबती मिलेगी और रिसाव भी नियंत्रित होगा। सभी तटबंधों के महवपूर्ण और स्ट्रैटिजिक स्थानों पर बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों का भंडारण पर्याप्त मात्रा में रखें, ताकि बाढ़ की स्थिति में निरोधात्मक कार्य सुचारू रूप से किए जा सकें। उन्होंने कहा कि कमला बलान तटबंध की मजबूती के लिए तटबंधों में स्टील सीट पायलिंग की जा रही है। इस तरह का प्रयोग बिहार में पहली बार हो रहा है, इससे तटबंध को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि संचार व्यवस्था और सुदृढ़ रखें। बाढ़ की स्थिति में भी संचार व्यवस्था पूरी तरह बहाल रहे, यह सुनिश्चित करें। संभावित बाढ़ से बचाव की सारी तैयारियां पूर्व से ही रखें। बाढ़ की स्थिति में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जो भी कार्य किए जाने हैं, मानक संचालन प्रणाली के अनुसार वे सारी तैयारियां की जाएं। ताकि किसी को भी कोई कठिनाई न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए ललबेकिया दायां मार्जिनल बांध एवं कमला वियर के बायें एवं दायें मार्जिनल बांध पर बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों का भंडारण पर्याप्त मात्रा में रखें। कोशी बेसिन में प्रस्तावित 22 कार्यों में से 15 को पूरा करा लिया गया है। शेष सात कार्यों को भी शीघ्र पूरा करें। जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि कमला वियर के बायें एवं दायें गाईड बांध का मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य अभी अपूर्ण है। पूर्वी चम्पारण के बेलवा धार में एंटी फ्लड स्लुईस गेट निर्माण का कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज का लगातार निरीक्षण करने को कहा है। यह भी कहा कि अगर बराज के किसी गेट में कोई समस्या हो तो सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र कराएं। निरीक्षण कार्य में लगे सभी अधिकारी और इंजीनियर सतर्क रहें। अधिकारियों को इसके लिये प्रशिक्षित भी किया जाय। समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित जल संसाधन विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी और अभियंता उपस्थित थे।

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