15 अगस्त से पहले नहीं शुरू हो सकती रेग्युलर ट्रेनें, रिफंड होंगे 14 अगस्त तक के ट्रेन टिकट के पैसे

दिल्ली, एमएम : देश में कोरोना के कारण यातायात सेवा कहीं भी पूर्ण रूप से शुरू नहीं हो सकी है। दुनियाँ के सबसे बड़े रेल नेटवर्क को अभी आंशिक रूप से शुरू किया गया है। जिस कारण लोगों को एक जगह से दुसरे जगह जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग रेलवे के तरफ टकटकी लगायें बैठे हैं। रेलवे से मिल रही जानकारी के मुताबिक भारतीय रेलवे सभी नियमित ट्रेनों के लिए 14 अगस्त तक बुक की गई सभी टिकटों की पूरी बुकिंग राशि वापस कर देगा। रेलवे ने संकेत दिए हैं कि अगस्त से पहले तक नियमित यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू नहीं किया जाएगा। वर्तमान में रेलवे केवल 230 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को “विशेष ट्रेनों” के रूप में चला रहा है। हालांकि रेल मंत्रालय ने बार-बार कहा है कि किसी भी मांग को पूरा करने के लिए और अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि इन्हें “विशेष” के रूप में अच्छी तरह से ब्रांडेड किया जा सकता है।

रेल मंत्रालय ने सभी जोनों को एक सर्कुलर जारी कर 14 अगस्त को या उससे पहले बुक किए गए सभी टिकटों को रद्द करने और टिकटों का पूरा रिफंड जेनरेट करने के फैसले की जानकारी दी। रेलवे ने 120 दिनों के लिए टिकटों की अग्रिम बुकिंग की अनुमति दी थी। वर्तमान नियमों के अनुसार, यात्रियों को टिकट रद्द करने की आवश्यकता नहीं है, अगर रेलवे ट्रेनों को रद्द करता है और ऑटोमेटिक रिटर्न की प्रक्रिया शुरू होगी।

रेलवे ने नियमित ट्रेन सेवाओं के लिए अडवांस रिजर्वेशन 15 अप्रैल से निलंबित कर दिया था, हालांकि नियमित ट्रेन सेवाओं को 25 मार्च से रद्द कर दिया गया था। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि अभी संचालित की जा रही विशेष ट्रेनों का औसत बुकिंग 70% था। वर्तमान में चलाई जा रही ये सभी विशेष ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित हैं। कम मांग को देखते हुए, रेलवे ने माल ढुलाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और निजी निवेश के लिए जमीन तैयार करने का फैसला किया है।

24 मार्च की आधी रात से रेलवे की नियमित ट्रेनें बंद हैं। 12 मई से चुनिंदा एसी स्पेशल और एक जून से 200 स्पेशल ट्रेनों के अलावा कोई ट्रेन नहीं चल रही हैं। सभी नियमित ट्रेन 30 जून तक निलंबित हैं। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इस वजह से रेलवे की कमाई 58 प्रतिशत तक कम हो गई है। कमाई कम होते ही रेलवे ने भी अपने खर्चों में कटौती शुरू कर दी है।

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