रिश्तों की भी नहीं की परवाह, पत्नी को ही तीन लाख रुपये में बेचा पति

पटना, एमएम : एक सभ्य समाज की परिकल्पना अब बेईमानी से लगता है। आखिर किस रिश्तों की बुनियाद पर घर समाज को सभ्य कहा जाएगा। अपने आप के भीतर झांकने का कोशिश कीजिए। अब तो लगता है किसी रिश्ते का कोई मोल ही नहीं रहा। माँ-बाप, भाई-बहन, पति-पत्नी मानो सब सौदा हो गया है। ऐसे ही एक रिश्ते को शर्मशार करती खबर है बिहार के कैमूर से। कैमूर में लड़कियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई में तीन महिलाओं समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के पास 20 हजार रुपए नकद, एक कार और 11 मोबाइल बरामद हुए हैं। पकड़े गए गिरोह में बिहार के अलावा यूपी के वाराणसी, राजस्थान के जयपुर के लोग भी शामिल हैं।  पुलिस के मुताबिक इस गिरोह की पहुंच उत्तर भारत के कई शहरों में है।

कैमूर के एसपी दिलनवाज अहमद ने कहा कि लड़कियों को बहला-फुसला कर काम या बड़े शहर में शादी के झांसे में फंसा कर बेचने वाले गिरोह के गिरफ्तार लोगों में जयपुर की मंजू देवी और जितेंद्र सिंह समेत वाराणसी के अजय कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। गिरोह में तीन महिलाओं समेत 11 लोगों को पुलिस ने अरेस्ट किया है. ।

दरअसल इस गिरोह के पकड़ाने के बाद एक खुलासा हुआ। कैमूर के अकोढ़ी गांव का आजाद नाम का व्यक्ति अपनी ही पत्नी को बेचने के लिए आया था तो यहां मामले का पता चला। इलाके की पुलिस को बाहरी लोगों के आने की खबर हुई, संदिग्ध पाकर पुलिस ने छापामारी कर उसकी पत्नी को बचाया गया।

पुलिस को संदिग्धों पर शक होने लगा जिसके बाद उन्होनें छापेमारी की। पुलिस ने एक महिला को सिगरेट पीते देखा और उसके बाद मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। जिसमें लोगों ने गायत्री अनाथालय फाउंडेशन की पर्ची दिखाई जिसमें एक कार्यक्रम में आने की बात थी। पूछताछ पर पता चला कि जो महिला सिगरेट पी रही है वह सुनीता देवी है और दूसरी महिला पूजा जिसका पति उसे तीन लाख में बेचने के लिए लाया है।

पुलिस ने बताया कि गायत्री फांउडेशन की आड़ में लड़कियों की खरीद-फिरोत की जाती है। जिन्हें बाद में शादी के नाम पर हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में बेचा जाता है।

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