बिना मास्क नहीं डाल पाएंगे वोट, अब मुखौटा नहीं मास्क बताएगा कौन किस दल का समर्थक

पटना, एमएम : बिहार में इस साल के अंत तक विधान सभा चुनाव होने हैं। अभी से चुनावी तैयारियां राजनीतिक दलों ने करना शुरू कर दिया है। कुछ राजनीतिक दल तो वर्चुअल रैली तक शुरू कर चुका है। 5 जुलाई से विकासशील इन्सान पार्टी यानि वीआईपी भी वर्चुअल रैली शुरू करेगी। ऐसे में भला बिहार निर्वाचन आयोग कहाँ पिछे रहने वाला है। चुनाव आयोग ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। 26 जून को सर्वदलीय बैठक भी बुलाया है।

गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी किया है कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। यानी बिना मास्क के आप वोट नहीं दे सकेंगे। साथ ही वोटिंग के दौरान बड़े पैमाने पर सैनिटाइजर खरीदी के लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं।

इसी आधार पर राज्य में चुनाव लड़ने जा रही तमाम राजनीतिक पार्टियों ने कोरोना आपदा को ध्यान में रखकर प्रचार के नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। यहां अब पार्टियों के चुनाव चिह्न वाले मास्क भी बिकने शुरू हो गए हैं।

बतादें कि अभी तक पार्टियां अपने समर्थकों को मुखौटे, टोपी, शर्ट, बैज, रिस्ट बैंड, झंडा, पोस्टर, बैनर, पंपलेट आदि ही दिया करती थी। लेकिन इस बार मास्क को देखकर ही जाने-अनजाने में मतदाता के समर्थन का अंदाजा लग जाएगा। इसी क्रम में राजनीतिक दल सैनिटाइजर और पीपीई किट भी अपने चुनाव चिह्न के साथ छपवाकर देने की तैयारी में हैं।

सियासी दलों के प्रचार के लिए तैयार हो रहे मास्क के दाम उसकी क्वालिटी और कलर के अनुसार है। मास्क बनाने के कारोबार से जुड़े कारोबारियों ने बताया कि थोक में इसके दाम 14 से 22 रुपए प्रति मास्क है। जबकि फुटकर में एक मास्क 20 से 35 रुपए का है।

मास्क विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मास्क को मानकों की अनदेखी कर बनाए गए तो संक्रमण का खतरा बना रहता है। किसी भी मास्क का ऊपरी हिस्सा हार्ड और अंदर की तरफ मुलायम होना चाहिए।

(फोटो  – दैनिक भास्कर)

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