वैशाली के लाल शहीद जयकिशोर सिंह को नम आँखों से दी गई अंतिम विदाई

वैशाली, एमएम : भारत चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प में बिहार के पांच लाल शहीद हो गए। लद्दाख की गलवन घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में वैशाली जिले के निवासी बिहार रेजिमेंट की 12 वीं बटालियन के जवान जयकिशोर सिंह ने भी देश की रक्षा में अपनी शहादत दे दी।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक आज जब शहीद जयकिशोर सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा मानो पूरा गावं उमड़ पड़ा। एक तरफ शहीद अमर रहें के नारों से आसमान गूंज रहा था तो दूसरी तरफ लोगों के आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। ग्रामीण तो अपने बेटे की शहादत पर गर्व का रहा था दूसरी तरफ उनके माता पिता पर दुखों का पहाड़ टूट रहा है। लोगों के भरी भीड़ के बीच सेना और पुलिस ने गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया। वही उनके गावं में अंतिम संस्कार किए जाने की सूचना है।

पिता ने कहा-गर्व है अपने बेटे पर 

मात्र 22 साल के जय किशोर के शहीद होने की खबर मिलते ही ग्रामीण, सगे-संबंधी एवं आसपास के लोग उनके परिजन को सांत्वना देने उनके घर पहुंचे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहीद के पिता राजकपूर सिंह किसान हैं, जबकि बड़े भाई नंदकिशोर सिंह भारतीय थल सेना में सिक्किम में पदस्थापित हैं। शहीद सैनिक चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े पुत्र द्वारा छोटे बेटे के शहीद होने सूचना मिलने पर एक तरफ जहां घर में कोहराम मच गया वहीं पिता ने कहा-गर्व है कि मैं एक शहीद का पिता हूं।

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