बाॅलिवुड की मशहूर कोरियोग्राफ़र सरोज खान का निधन, 71 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्लीः मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान अब नहीं रहीं उन्होंने 71 वर्ष की उम्र में शुक्रवार, 3 जुलाई को सारे रिश्ते-नाते को भुलाकर दुनिया को अलविदा कह दिया। सरोज खान का निधन हृदय गति रूक जाने के कारण हुई। सरोज ख़ान को बाॅलिवुड में उनके बेहतरीन नृत्य कोरियोग्राफर के तौर पर जाना जाता था। ये सरोज ख़ान की ही कोरियोग्राफ़ी थी जिसके कारण माधुरी धक-धक गर्ल बनीं। पिछले कुछ दिनों से सरोज खान को सांस लेने में तकलीफ़ थी जिस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि कोरोना काल में लोगों ने ये कयास लगाना शुरू कर दिया था कि कहीं सरोज खान कोविड पाॅजिटिव तो नहीं हो गईं, लेकिन बाद से ये स्पष्टीकरण दिया गया कि सरोज खान कोरोना संक्रमित नहीं हैं। सरोज खान को दिल की बिमारी के अलावे मधुमेह की भी शिकायत थी।
सरोज खान मात्र 3 साल की उम्र से बाॅलिवुड में एक डांसर के तौर पर करियर की शुरूआत की थी। 22 नवंबर 1948 को मुंबई में जन्मी सरोज खान का मूल नाम ‘‘निर्मला नागपाल’’ था। सरोज खान के पिता का नाम साधु सिंह तथा माता का नाम नोनी साधु सिंह था। सरोज खान मात्र 13 साल की उम्र में 41 वर्षीय अपने डांस गुरू बी. सोहनलाल से शादी की। बी. साहेनलाल पहले से शादी-शुदा थे और ये बात सरोज खान को पता नहीं था। हालांकि ये शादी 1961 से 65 तक ही चलीं और बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद सरोज खान ने 1966 में सरदार रोशन खान से शादी कर ली और अंत तक उन्हीं के साथ रहीं। सरोज ख़ान ने एक टीवी साक्षात्कार में स्वीकार किया था कि वे शादी से पहले इस्लाम धर्म को अपना लिया था।
सरोज खान के बेहतरीन डांस कोरियोग्राफी के लिए उन्हें तीन बार राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘जब वी मेट’ का ‘‘ये इश्क हाये’’ तथा देवदास के ‘‘डोला रे डोला’’ के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला था। अनिल कपूर-माधुरी दीक्षित के अभिनय में बनी फिल्म तेजाब का गाना ‘‘एक दो तीन’’ तथा अनिल कपूर-माधुरी दीक्षित अभिनीत फिल्म बेटा का ‘‘धक-धक करने लगा’’ से सरोज खान आम लोगों हृदय में बस गईं थीं। संजय दत्त-माधुरी दीक्षित का ‘‘तम्मा-तम्मा’’ हो या फ़िर देवदास में माधुरी का गाना ‘‘मार डाला’’ इस गाने में लोगों के दिलों दिमाग में सरोज खान के प्रति जो दिवानगी जगाई वो देखते ही बनता हैै। अनिल कपूर-श्रीदेवी अभिनित बेहतरीन फिल्म मिस्टर इंडिया का ‘‘हवा हवाई’’ भला कौन भूल सकता है। दिलवाने दुल्हनिया का मेंहदी लगा के रखना हो या फ़िर ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया गुरू का बेहतरीन गाना, माधुरी का ‘‘तबाह हो गए या फ़िर जोड़ा-जोड़ी चने के खेत में’’ से सरोज खान ने ऐसी प्रसिद्धी पाईं जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
बाॅलिवुड में मास्टर जी के नाम से प्रसिद्ध सरोज खान माधुरी की आखिरी फिल्म कलंक था जिसमें तबाह हो गए गाने को माधुरी के लिए कोरियोग्राफी किए थे। हालांकि इसके बाद भी सरोज खान कई टीवी डांस कार्यक्रम में बतौर जज या अतिथि जज के रूप में नज़र आईं। टीवी कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को 100 रूपये का पुरस्कार देने की उनकी अदा को लोग बहुत पसंद करते थे।

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