शिक्षा में भी ‘लोकल टू ग्लोबल’, एचआरडी मंत्रालय ने शुरू किया प्रोग्राम, छात्रों को मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपोजर

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम : आत्मनिर्भर भारत कि बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। देशवासियों से अपीलों की गई थी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चीजों को प्रमोट किया जाए और उसकी प्रॉपर ब्रांडिंग हो। इसी कड़ी में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘लोकल टू ग्लोबल’ की छवि वाला एक विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अंतरार्ष्ट्रीय एक्स्पोजर उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्रालय ने भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को अंतरार्ष्ट्रीय अनुभव प्रदान कराने के लिए कनाडा की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से एक करार किया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “सीआईएपी यानी कनाडा इंडिया एक्सीलरेशन प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत इंटरनेशनल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम चलाया जाएगा। यह इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम भारत की एआईसीटीई और कनाडा की कार्लटन यूनिवर्सिटी के बीच होगा।”

निशंक ने कहा दो देशों के बीच शुरू किए गए इस कार्यक्रम का लाभ युवा महिला उद्यमियों को भी मिलेगा। भारतीय युवा उद्यमी इस प्रोग्राम की सहायता से अपने व्यवसाय या स्टार्टअप को बढ़ाने के लिए कनाडा के निवेशकों, सरकारी अधिकारियों और बिजनेस मेंटर्स के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर सकेंगे।”

महिला उद्यमियों को होगा काफी फायदा
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निदेर्शों पर शुरू किए गए इस स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ महिला उद्यमियों को मिलेगा। विभिन्न भारतीय तकनीकी संस्थानों से शिक्षा हासिल कर रही अथवा भारतीय तकनीकी संस्थानों से शिक्षा हासिल कर चुकी युवा महिला उद्यमी इस कार्यक्रम से जुड़ सकती हैं।

गौरतलब है कि युवा उद्यमियों के अलावा हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर फाइनेंस बैंकिंग और रिजर्व बैंक की कार्यप्रणाली से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के रोजगार परक कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। ऐसे छात्र एवं युवा जिनके अध्ययन व रुचि का का केंद्र फाइनेंस रहा है वह घर बैठे इन रोजगार परक ऑनलाइन कोर्स में हिस्सा ले सकते हैं। खास बात यह है कि उच्च शिक्षा से जुड़े ये कोर्स, बैंकिंग, रिजर्व बैंक और मनी सप्लाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों को ध्यान में रखते हुए  मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

अब सवाल है की ये कोर्स किसके लिए होगा और इसमें दाखिला कैसे मिलेगा। तो बतादें कि ये कोर्स मुख्यत पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए हैं। इन पाठ्यक्रमों के दौरान छात्रों को मनी मार्केट में रिजर्व बैंक की भूमिका एवं उसके महत्व की जानकारी दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण विषय के रूप में छात्रों को विशेषज्ञ अर्थशा्त्रिरयों द्वारा मनी बैंकिंग का पाठ्यक्रम ऑनलाइन बढ़ाया जाएगा जाएगा।

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