CBI जांच पर संजय राउत के बिगड़े बोल, भाजपा और जदयू हुई हमलावर, कहा- संजय राउत और आदित्य ठाकरे का हो नार्को टेस्ट

मुंबई/ पटना, एमएम : सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी निचले स्तर पर जाती दिखाई दे रही है। शिवसेना सांसद एवं प्रवक्ता संजय राउत रोज नए आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को उन्होंने सुशांत के पिता पर आरोप लगते हुए शिसेना के मुखपत्र सामना में लिखा कि सुशांत के अपने पिता से अच्छे रिश्ते नहीं थे। क्योंकि उनके पिता केके सिंह ने दूसरी शादी कर ली थी। लिहाजा सुशांत पटना भी बहुत कम जाया करते थे। इस पर प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक था। सुशांत के चचेरे भाई और भाजपा विधायक नीरज बबलू ने मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही। वही सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बीजेपी ने मांग की है कि शिवसेना सांसद संजय राउत और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे से सीबीआई को पूछताछ करनी चाहिए। इसके साथ ही बीजेपी ने दोनों नेताओं का नार्को टेस्ट करवाने को भी कहा है।

बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो रही है और उन्हें नष्ट किया जा रहा है। आनंद ने कहा, ‘शिवसेना ने एक ‘सामना’ में एक बेतुका सा लेख लिखा था, जिसमें उसने  सुशांत के फैन्स, परिवार, बिहार सरकार और बिहार की पुलिस का अपमान किया। यह स्पष्ट है कि शिवसेना के नेता सीबीआई जांच से डर और घबरा रहे हैं। सीबीआई को संजय राउत और आदित्य ठाकरे से पूछताछ करनी चाहिए। उनका नार्को-टेस्ट भी किया जाना चाहिए।’

तो दूसरी तरफ एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बीजेपी ने मांग की है कि शिवसेना सांसद संजय राउत और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे से सीबीआई को पूछताछ करनी चाहिए। इसके साथ ही बीजेपी ने दोनों नेताओं का नार्को टेस्ट करवाने को भी कहा है।

बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो रही है और उन्हें नष्ट किया जा रहा है। आनंद ने कहा, ‘शिवसेना ने एक ‘सामना’ में एक बेतुका सा लेख लिखा था, जिसमें उसने  सुशांत के फैन्स, परिवार, बिहार सरकार और बिहार की पुलिस का अपमान किया। यह स्पष्ट है कि शिवसेना के नेता सीबीआई जांच से डर और घबरा रहे हैं। सीबीआई को संजय राउत और आदित्य ठाकरे से पूछताछ करनी चाहिए। उनका नार्को-टेस्ट भी किया जाना चाहिए।’

उधर, महाराष्‍ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच का विरोध किया। इस बीच संजय राउत ने एकबार फिर मुंबई पुलिस की जांच को बेहतर बताते हुए आरोप लगाया है कि बिहार और दिल्ली में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ पर्दे के पीछे से बड़ी साजिश चल रही है। राउत के इस बयान पर बिहार के सत्‍ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने कड़ा विरोघ दर्ज किया है। जेडीयू प्रवक्‍ता संजय सिंह ने संजय राउत से पूछा है कि महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे  सीबीआइ जांच से क्यों घबरा रहे हैं? इस केस में बड़े लोगों की संलिप्तता है और महाराष्ट्र सरकार ऐसे हाई प्रोफाइल अपराधियों को बचाने में जुटी है।

गौरतलब है कि शिवसेना नेता संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआइ जांच को राजनीतिक साजिश बताते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्‍मंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उन्‍होंने इशारों में कहा कि बिहार व दिल्‍ली में बैठे कुछ लोग कुछ सीबीआइ के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। इतना ही नहीं उन्‍होंने बिहार के डीजीपी के खिलाफ भी कई आरोप लगाए हैं। सुशांत को लेकर भी उन्‍होंने कहा कि उनके अपने पिता से बेहतर संबंध नहीं थे। शिवसेना नेता के इस बयान पर जेडीयू ने पलटवार किया है।

आज यानि सोमवार को भी राउत ने कहा, अगर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की यो ये उनकी मजबूरी थी। यह केन्द्र के अंदर आती है और सरकार की अपनी मजबूरिया हं। बिहार सरकार ने इस केस की सीबीआई जांच की सिफारिश की है जबकि उसका इस मामले से कुछ लेना-देना नहीं है। मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है? जांच यहां पर चल रही है।

राउत आगे कहा, “एफआईआर मुंबई में हुई है और मुंबई पुलिस की तरफ से जांच की जा रही है। अचानक एफआईआर बिहार में दर्ज कर ली जाती है। इसकी क्या जरूरत है? पुलिस पर कुछ भरोसा रखें। अपने राज्य में हर पुलिस की अपनी प्रतिष्ठा है। अगर आप हस्तक्षेप करोगे तो स्थिति खराब होगी।”

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