सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सीबीएससी की 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं, तो आईसीएसई बोर्ड ने भी कर दी रद्द

दिल्ली, एमएम : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएससी 10वीं और 12वीं की 1 से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाओं को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 2 बजे सुनवाई हुई। सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि 10वीं परीक्षाएं रद्द कर दी गईं है। वहीं सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं वैकल्पिक होंगी। सुनवाई तीन जजों की बेंच एएम खानविलकर, दिनेश महेश्वरी और संजीव खन्ना के समक्ष हुईं। सीबीएसई और सरकार की तरफ से सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा।

बता दें कि तीन राज्यों ने कहा था कि प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जिसके चलते परीक्षाएं अभी नहीं कराई जा सकती हैं। इसी को लकेर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई कर रहा था। वहीं सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी देते हुए कहा कि हालात सामान्य होने पर 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 12वीं के छात्रों का पिछली तीन परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। अभी कई स्कूलों में आइसोलेशन सेंटर चल रहे हैं जिसके चलते परीक्षाएं नहीं कराई जा सकती हैं। इसके अलावा छात्रों को कुछ महीने बाद होने वाली इंप्रूवमेंट परीक्षा में भी शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। स्टूडेंट्स चाहें तो इंप्रूवमेंट एग्जाम देकर अपने नंबर बेहतर कर सकते हैं।

वहीं 10वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं। यानी देश में कहीं भी अब 10वीं की परीक्षाएं नहीं होंगी। दूसरी ओर आईसीएससी बोर्ड ने भी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं। आईसीएससी ने 12वीं के छात्रों को भी कोई विकल्प देने से मना कर दिया है।

इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित करते हुए कहा था कि सरकार और बोर्ड छात्रों की परेशानी से भली-भांति अवगत हैं और अधिकारी इस मुद्दे पर जल्द ही निर्णय लेंगे। मेहता ने पीठ से इस मुद्दे को एक दिन के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि वे अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में शीर्ष अदालत को अवगत कराएंगे।

बतादें की सीबीएसई की 10वी और 12 वी की परीक्षाए रद्द होने के बाद आईसीएसइ बोर्ड ने भी उसी के आधार पर सभी परीक्षाएं रद्द कर दी है।आईसीएसइ बोर्ड ने कहा की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हम भी किसी कोई परीक्षा कराने की अनुमति नहीं देंगे।

ये था पूरा मामला

कुछ अभिभावकों ने 1 से 15 जुलाई तक होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने तथा इंटरनल असेसमेंट के आधार पर छात्रों का रिजल्ट बनाने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है, परीक्षा के लिए बच्चों को भेजने से उन्हें खतरा हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने 17 जून को पेरेंट्स की याचिका के आधार पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से कहा था कि वह 10वीं 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द करने और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट जारी करने के अनुरोध पर विचार करे। कोर्ट ने इसके लिए बोर्ड को 23 जून तक का समय दिया था। लेकिन 23 जून को बोर्ड ने कोर्ट में कहा था कि सरकार इस मसले पर विचार कर रही है और बुधवार शाम तक इस पर निर्णय ले लिया जायेगा। सीबीएसई ने कहा कि निर्णय की प्रक्रिया काफी आगे पहुंच चुकी है। हम विद्यार्थियों की चिंता से वाकिफ हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।

बताया जा रहा है कि अगर सीबीएसई 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाएं रद्द करता है तो इंटरनल असेसमेंट के आधार पर स्टूडेंट्स को ग्रेड दिए जा सकते हैं। यह ग्रेडिंग सिस्टम पूरे देश में लागू होगा। ग्रेड देते समय उन पेपरों में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन देखा जा सकता है जो हो चुके हैं।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा वह छात्रों को दसवीं और बारहवीं की परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के विकल्प देने पर विचार करे। इस पर अदालत ने सीबीएसई बोर्ड से जवाब मांगा है। मामले पर कल यानी 26 जून को फिर से सुनवाई होगी।

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