आज से शुरू हुआ सावन का महीना, अद्भुत बना संयोग, शुरू भी सोमवार को समापन भी सोमवार को

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम : कहा जाता है सावन  महिना के बिना जल जीवन की कल्पना संभव नहीं है। भला हो भी कैसे। भगवान भोलेनाथ के सिर तो साक्षात माँ गंगा जो बिराजती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय होता है। आज से भोलेबाबा के भक्तों के लिए सावन का महीना शुरू हो गया है। मान्यता है कि सावन के महीने में जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बता दें, इस बार सावन का महीना 6 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त को खत्म हो रहा है।

इस बार सावन में 5 सोमवार आएंगे। सावन के सोमवार में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से सभी तरह की इच्छाएं जरूर पूरी होती हैं।

ये हैं सावन महीने के 5 सोमवार-
जुलाई 6- सावन का पहला सोमवार
जुलाई 13- सावन का दूसरा सोमवार
जुलाई 20- सावन का तीसरा सोमवार
जुलाई 27- सावन का चौथा सोमवार
अगस्त 3- सावन का पांचवा सोमवार और आखिरी सोमवार

एक मान्यता के मुताबिक सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहन घर के नजदीक बने शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को गंगाजल और दूध से जलाभिषेक करें। इसके बाद शिव लिंग पर सभी तरह की पूजा सामग्री को अर्पित करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। इससे सभी मन्नत पूरी होती हैं।

इस बार सावन कई अद्भुत संयोग लेकर आया है। सावन में भगवान शिव, मैया पार्वती और शिव परिवार की पूजा करना विशेष लाभकारी होता है। प्रत्‍येक मनोरथ सिद्ध होता है। शिव को सावन विशेष प्रिय है। सावन की सोमवारी को शिव की पूजा करने पर मनोवांक्षित फल की प्राप्ति होती। सोमवार को शिव पूजन का विशेष महत्‍व है। इस बार सावन में पांच सोमवारी है। सावन की शुरुआत सोमवार से हुई। इसका समापन भी सोमवार को ही होगा।

इस कारण कई विशेष योग भी बन रहे हैं। सावन में सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष फल मिलता है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।

सावन के महीने में शिवरात्रि आने पर इसका विशेष महत्व होता है। हिंदू मान्यता के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन और सावन के महीने की शिवरात्रि विशेष फलदायी मानी जाती है। इस बार सावन महीने की शिवरात्रि 18 जुलाई को मनाई जाएगी।

सावन के पावन महीने की शुरुआत आज पहली सोमवारी से हो गयी है। लेकिन, कोरोना वायरस के कारण भगवान शिव के भक्त इस बार मंदिरों और शिवालयों में भगवान का पूजन नहीं कर पाएं। मंदिरों और शिवालयों को बंद रखा गया है और मंदिरों के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं इस बार कांवर यात्रा और जलाभिषेक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिरों और शिवालयों के बाहर सन्नाटा पसरा है तो वहीं गली-मुहल्ले के मंदिरों में कुछ भक्तों ने मंदिर के बाहर ही पूजा अर्चना की।

ऐसा पहली बार हुआ है, जब सावन महिना की पहली सोमवारी हो और शिवभक्त बाबा मंदिर में नहीं पहुंच सकेंगे।

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