समस्तीपुर में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, 10 दिनों के भीतर चालू होगी रामेश्वर जूट मिल, अत्याधुनिक डेयरी का भी मिला सौगात

समस्तीपुर, एमएम:  लगता है जब से जिले के मंत्री महेश्वर हजारी के हाथ उद्द्योग मंत्रालय का जिम्मा मिला है समस्तीपुर को रोजगार का केंद्र स्थापित करने में लग गए हैं। यह कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन यह सब काम चुनावी साल के अंत में हो रहा है है। इसलिए जनता इसे संशय की नजर से देख रही है।  योजना एवं विकास सह उद्योग मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि 10 दिनों के भीतर रामेश्वर जूट मिल खुल जायेगी। यह मिल कल्याणपुर सहित दर्जनभर प्रखंडों के लोगों के लिए मुख्य आजीविका का साधन थी। इससे 15000 परिवार जुड़े हैं। मिल दो वर्षों से बंद है। इसके कारण लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मिल के संचालक प्रतीक चौररिया से बात कर तत्काल खोलने पर हो रही दिक्कत को दूर करने का भरोसा दिया गया है।

मंत्री ने कहा बिजली कनेक्शन व अन्य समस्याओं को भी एक सप्ताह के भीतर दूर कर दिया जाएगा। मंत्री ने प्रबंधन को हर प्रकार की समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिलाया। जिला उद्योग केंद्र की ओर से चलायी जा रही योजनाओं व उससे लाभ के बारे में विवरण देते हुए जिले के उद्यमियों को आगे आकर योजनाओं से लाभान्वित होने का आह्वान किया।

इधर समस्तीपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित मिथिला दुग्ध यूनियन में गुरुवार को 5 लाख लीटर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के नवनिर्मित अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।

61.17 करोड़ की लागत से प्रसंस्करण केंद्र तैयार किया गया है। समस्तीपुर औद्योगिक केंद्र स्थित मिथिला दुग्ध यूनियन ने एक और उपलब्धि का मुकाम हासिल किया बिहार में सबसे बड़े दूध प्रसंस्करण केंद्र की क्षमता का नया ऑटोमेटिक प्लांट विधिवत शुरुआत हो गयी। इसके साथ ही अब करीब 8 लाख लीटर क्षमता के दूध का संग्रह व प्रसंस्करण का मिथिला दुग्ध यूनियन में हो सकेगा नये केंद्र के कार्य करने के साथ रसगुल्ला, गुलाब जामुन, चमचम, पनीर व मखाना खीर के साथ दूध पाउडर व सफेद बटर का उत्पादन आसानी से किया जा सकेगा।

इस प्लांट के बन जाने से यहां से थोक दूध का विपणन झारखंड, बंगाल, असम व नेपाल में किया जा सकेगा। बतादें कि करीब 61.17 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। जिसे बनने में 2 साल 8 माह का वक्त लगा और इससे 3 लाख किसान को फायदा मिलेगा।

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