दोबारा राज्यसभा के उपसभापति चुने गए एनडीए के प्रत्याशी हरिवंश, मनोज झा को हराया

दिल्ली, एमएम : कोरोना काल में सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया। पहले सुबह नौ बजे से लोकसभा की कार्रवाई शुरू हुई, फिर तीन बजे से राज्यसभा की कार्रवाई प्रारंभ हुई। राज्यसभा के सभापति ने सबसे पहले पूर्व  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, सांसद अमर सिंह बेनी प्रसाद वर्मा सहित 16 दिवंत को श्रधांजलि दी गई। और एक घंटे के लिए राज्यसभा स्थगित कर दिया गया। साढ़े छार बजे से फिर राज्यसभा का सत्र शुरू हुआ।

पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव होना था वोटिंग हुई। एनडीए हरिवंश नारायण सिंह लगातार दूसरी बार राज्यसभा में उपसभापति चुने गए हैं। राज्यसभा में राजग (एनडीए) के उम्मीदवार का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार मनोज झा से था। ध्वनि मत से हुए मतदान में उन्होंने जीत हासिल की। जगत प्रकाश नड्डा ने हरिवंश को उपसभापति बनाने का प्रस्ताव पेश किया तो विपक्ष की ओर से गुलाम नबी आजाद ने मनोज झा के नाम का प्रस्ताव रखा। जेडीयू की तरफ से राज्यसभा सदस्य हरिवंश और राजद नेता मनोज झा के बीच हुए इस मुकाबले को बिहार चुनाव से पहले ट्रेलर के रूप में भी देखा जा रहा था।

बतादें कि हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। हरिवंश राजनीति में जयप्रकाश नारायण के आदर्शों से भी प्रेरित हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गांव में 30 जून, 1956 को जन्मे हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई की। हरिवंश ने वर्ष 1990-91 के कुछ महीनों तक तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम किया। ढाई दशक से अधिक समय तक ‘प्रभात खबर के प्रधान संपादक रहे हरिवंश को नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने राज्यसभा में भेजा। उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है।

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