प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ की बैठक, कोरोना से लड़ाई में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की

नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएमः शनिवार, 13 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस पर किए जा रहे कार्यों और के प्रसार पर बातचीत की। समीक्षा बैठक में महामारी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हालात और तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में दिल्ली समेत विभन्नि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की स्थिति का जायजा लिया गया। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, आईसीएमआर के डीजी सहित अन्य वरिष्ठ अधकिारी शामिल हुए।
डॉ.विनोद पॉल जो नीति आयोग के सदस्य हैं और मेडिकल इमरजेंसी मैनेजमेंट प्लान के अधकिार प्राप्त समूह के संयोजक भी हैं, उन्होंने मध्यम अवधि में कोरोना मामलों की वर्तमान स्थिति और संभावित परिदृश्य पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। यह देखा गया कि कुल मामलों में से दो-तिहाई केवल 5 राज्यों में हैं और उनमें भी बड़ी संख्या में बड़े शहरों में हैं। सामने आ रही चुनौतियों, विशेष रूप से बड़े शहरों में जिनका सामना करना पड़ रहा है, इसको देखते हुए टेस्टंिग बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक मामलों के चरम उछाल को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बडे़ शहरों से लेकर जिला स्तर पर अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में बेड की उपलब्धता को लेकर गहन बातचीत की, जिनकी भविष्य में जरूरत होगी। प्रधानमंत्री ने अधकिार प्राप्त समूह की सिफारिशों का संज्ञान लिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधकिारियों को इस संदर्भ में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की सलाह से आपात योजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मॉनसून के मौसम की शुरुआत के मद्देनजर मंत्रालय को उपयुक्त तैयारी सुनिश्चित करने की सलाह भी दी। विशेषज्ञों की मानें तो माॅनसून में कोरोना वायरस का ख़तरा पांच गुणा अधिक हो सकता है, जो किसी भी स्थिति में चिंता का विषय है।
समीक्षा बैठक में राजधानी दिल्ली में कोरोना के मौजूदा हालात और मरीज़ों की संख्या में हो रहे बेतहाशा वृद्धि पर विशेष रूप से चर्चा की गई और अगले दो महीनों का पूर्वानमान भी लगाया गया। प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि गृह मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को दिल्ली के उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के साथ आपात बैठक बुलानी चाहिए जिसमें भारत सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी के वरिष्ठ अधकिारी भी मौजूद हों ताकि कोरोना के बढ़ते मामलों की चुनौती से निपटने के लएि एक साझा और व्यापक तैयारी को मूर्त रूप दिया जा सके। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर से पांच गुणा अधिक तेज़ी से नए मरीज़ मिल रहे हैं जो चिंता का विषय है।

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