“कोरोनिल” पर कोई रोक नहीं, देशभर में अब होगी उपलब्ध : बाबा रामदेव

हरिद्वार, एमएम : विश्व भर में योग को नया आयाम देने वाले पतंजलि योगपीठ के मुखिया बाबा रामदेव ने कोरोना इलाज के लिए कोरोनिल नामक दवाई क्या लॉच किया मानो वो चौतरफा इस मामले में घिरते चले गए। पहले आयुष मंत्रालय ने इस पर रोक लगाई और सारे दस्तावेज जाँच कराने को कहा। फिर बिहार में इनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। इतना ही नहीं महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार ने बैन कर दिया। और तो और बाबा रामदेव और पतंजलि पर सैकड़ों मुकदमे भी दर्ज हो गए।

बतादें कि कोरोना की दवा बनाने के पतंजलि के दावों पर आयुष मंत्रालय की ओर से भेजे नोटिस और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने संबंधी विवादों का पटाक्षेप हो गया है। योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि आयुष मंत्रालय के साथ सभी चीजों का समाधान हो गया है। आज से कोरोनिल और श्वासारी वटी मिलनी शुरू हो जाएंगी। इससे सभी विरोधियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ड्रग माफिया चाहता था कि कोरोनिल और श्वासारि बैन हो।

 

अब योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को दावा किया कि पतंजलि आयुर्वेद की कोरोनिल किट पर ‘कोविड प्रबंधन’ के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है और अब यह देश भर में उपलब्ध होगी उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘आयुष मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए उचित काम किया है। पतंजलि ने सही दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।’ उन्होंने आगे कहा कि हमने इन दवाओं के लिए राज्य से लाइसेंस प्राप्त किया है, जोकि आयुष मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। उपचार शब्द का उपयोग नहीं किया गया है। इन दवाओं में कोई धातु की वस्तु नहीं है।

रामदेव ने कहा, ‘आयुष मंत्रालय के साथ हमारी कोई असहमति नहीं है। अब कोरोनिल, श्वासारि, गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आज से ये दवाइयां बिना किसी कानूनी प्रतिबंध के देश में उपलब्ध होंगी। इसपर कोई भी प्रतिबंध नहीं है।’ योग गुरु ने कहा कि मैं इसके लिए आयुष मंत्रालय और नरेंद्र मोदी सरकार को धन्यवाद देता हूं। बीते सप्ताह, पतंजलि आयुर्वेद ने ‘कोरोनिल और श्वासारि’ को लॉन्च किया था और दावा किया था कि इसके क्लीनिकल ट्रायल में कोरोना मरीजों ठीक हुए हैं।

इसके बाद, आयुष मंत्रालय ने कहा कि उसने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा कोरोना के उपचार के लिए विकसित आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में मीडिया में आई खबरों पर संज्ञान लिया है और कंपनी से इस तरह के सार्वजनिक दावे करने वाले विज्ञापनों को बंद करने के लिए कहा गया है। यह तब तक के लिए कहा गया है, जब तक पूरे मुद्दे की जांच नहीं कर ली जाती है।

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