संसद में पास हुआ वायुयान संशोधन विधेयक 2020, कांग्रेस ने किया विरोध

दिल्ली, एमएम : कोरोना संकट के बीच 14 सितंबर से संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। संसद के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज का दिन बेहद हंगामे भरा हो सकता है। भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध के पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में बयान देने वाले हैं। रक्षा मंत्री का बयान इस मायने में अहम है, क्योंकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर बहस की मांग की है। राजनाथ सिंह ने हाल ही में रूस की राजधानी मॉस्को में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग से मुलाकात की थी। वहीं कांग्रेस ने पहले ही दिन काम रोको प्रस्ताव लाकर साफ संकेत दे दिया कि वह इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगी।

इस बीच मंगलवार को राज्यसभा में वायुयान संशोधन विधेयक पर मुहर लग गई। वायुयान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस ने विरोध भी किया बाबजूद उसके ध्वनी मत से राज्यसभा में विधेयक पास कर दिया गया। बहस के दौरान एनसीपी सांसद प्रफुल पटेल ने कहा कि आने वाले समय में सिविल एविएशन में बहुत जरूरतें बढ़ने वाली हैं। ऐसे में एयरपोर्ट्स और एयरलाइन्स की जरूरते हैं। बहुत पहले मंजूर हुए एयरपोर्ट भी अभी अधूरे हैं।

टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी  ने वंदे भारत मिशन के तहत भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए सरकार का आभार जताया। अपने संबोधन में कहा सरकार चाहें तो एयर इंडिया के ढांचे में परिवर्तन कर दें लेकिन इसे बेचिए नहीं। एयर इंडिया है तो हिंदुस्तान है।

बतादें कि संसद ने मंगलवार को उस विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी जो भारत की विमानन सुरक्षा रेटिंग में सुधार लाने और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) सहित विभिन्न नियामक संस्थानों को वैधानिक दर्जा प्रदान करने से संबंधित है। राज्यसभा ने वायुयान (संशोधन) विधेयक 2020 को चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित कर दिया. इस विधेयक में देश के सशस्त्र बलों से संबंधित विमानों को वायुयान कानून, 1934 के दायरे से बाहर रखने का भी प्रावधान है। इतना ही नहीं विधेयक में नए नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने का भी प्रस्ताव है। यह विधेयक बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पारित हुआ था।

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