भारत सरकार के दबाव के आगे झुका नेपाल, बंधक बनाए गए लगन राय को किया रिहा

सीतामढ़ी, एमएमः  भारत-नेपाल बॉर्डर से राहत की खबर है। नेपाल की नेपाली सशस्त्र प्रहरी बल ने बंधक बनाए गए लगन राय को भारतीय पुलिस के हवाले कर दिया है। बॉर्डर के फायरिंग वाले स्थल पर शुक्रवार की देर रात 1:00 बजे तक भारतीय नागरिकों का हुजूम डटा हुआ था। जेनरेटर की व्यवस्था कर ली गई थी। भारत की ओर से पुलिस प्रशासन और एसएसबी के पदाधिकारी भी वहां कैंप कर रहे थे। रात 1:00 बजे एसपी सीतामढ़ी अनिल कुमार भी वहां पहुंचे। इसी बीच नेपाल की एपीएफ यानी नेपाली सशस्त्र प्रहरी बल ने बंधक बनाए गए लगन राय को भारतीय पुलिस के हवाले किया। सीतामढ़ी के रहने वाले लगन राय आज अपने गांव लौट आये हैं। बता दें कि शुक्रवार को सीतामढ़ी में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवानों की फायरिंग में युवक की मौत व तीन व्यक्ति जख्मी हो गये थें।

भारत वापस लौटने के बाद लगन ने न्यूज एजेन्सी ANI से बात करते हुए कहा कि सीमा पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवानों ने हवाई फायरिंग की तो हम सब वहां से भागने लगे और फिर वो मुझे भारत से बंदूक से पीटते हुए नेपाल ले गये। पुलिस ने मेरे साथ मार पीट की और मुझपर नेपाल से पकड़े जाने की बात को मानने के लिए दबाव डालने लगी कि, पर मैंने बोल दिया कि आप चाहे मुझे मार दीजिए पर मुझे भारत से पकड़ा गया है। हालांकि, नेपाल का कहना है कि भारतीय उनकी बंदूक छीनना चाह रहे थे। सुरक्षा में उन्होंने फायरिंग की।

लगन किशोर राय को नेपाल सशस्त्र प्रहरी के कब्जे से छुड़ाने के लिए इंडो-नेपाल बॉर्डर पर परिजन के साथ लगभग पांच हजार की संख्या में ग्रामीणों ने सीमा के सटे दूसरे छोर (भारतीय क्षेत्र) में डेरा डाल दिया था। ग्रामीणों का हुजूम नेपाल पुलिस के विरोध में नारेबाजी भी करता रहा। ग्रामीणों का कहना है था जब तक लगन किशोर राय को नेपाल पुलिस के कब्जे से सकुशल नहीं छोड़ा जायेगा, हमलोग एक कदम पीछे नहीं हटेंगे। भारत- नेपाल सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की है। इस घटनाक्रम के बाद एसएसबी के जवानों ने सीमा पर गश्त तेज हो गयी है। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिलाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने पुलिस व एसएसबी के अधिकारियों को बॉर्डर के हालात पर नजर रखने को कहा है।

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