मास्क क्रांति के सिपाही बने मधुबनी जिले के सीए प्रभाष झा, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और पटना में चला रहे हैं मुहिम

पटना/मधुबनी, एमएम : पूरे विश्व में कोरोना संकट छाया हुआ है। भारत में भी तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बिहार भी इससे अछूता नहीं है। अभी के दौर में अगस्त की मास्क क्रांति है। दो गज दूरी और मास्क जरूरी का नारा प्रधानमत्री मोदी तक लगा चुके हैं। लेकिन इसके बाबजूद कोरोना काल में बिहार में लोगों में लापरवाही देखने को मिल रही है। वो भी तब जब बिहार देश के शीर्ष 10 राज्यों की सूची में शामिल में है जहां कोरोना संक्रमण ज्यादा है।

ऐसे में इस काम को अंजाम तक पहुँचाने के लिए एक मैथिल उद्द्य्मी प्रभाष झा ने कोरोना से लड़ने के लिए एक अगस्त क्रांति जैसा मुहीम ठान दी है। बतादें जिस तरह अगस्त क्रांति में बिहार के लोग अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए थे, ठीक उसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता व सीए प्रभाष झा कोरोना काल में लोगों के लिए आगे आए हैं। उन्होंने घर-घर जाकर मास्क बांटने का काम शुरू किया। अबतक 70 हजार से ज्यादा मास्क बांट चुके हैं। लक्ष्य एक लाख मास्क बांटने का है।

कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में उनकी पूरी टीम काम कर रही है। ये सभी जरूरतमदों और गरीबों तक रीयूजेबल मास्क पहुंचा रहे हैं। प्रभाष ने बताया कि कोरोना के विरुद्ध हम आमजनों का खड़ा होना बहुत जरूरी है। तीन साल पहले मल्टीनेशनल कंपनी में 40 लाख की सालाना कमाई छोड़ कर दलित एवं महादलित समुदाय के हजारों बच्चों को अपने सात केंद्र में रोज शिक्षादान भी दे रहे हैं। सीए प्रभाष झा का मानना है कि कोरोना को तो खत्म होना ही है लेकिन एक सवाल तो रहेगा कि इस दौर में हमने समाज के लिए क्या किया? बस इसी सोच के साथ मैंने एक लाख मास्क बांटने का काम शुरू किया। मधुबनी, पटना, सुपौल, दरभंगा जिले से इसकी शुरुआत की।

इस पूरे प्रकरण पर पद्मश्री डॉ. मानस बिहारी वर्मा ने कहा कि प्रभाष की नमामि मिथिला फाउंडेशन ने मास्क के प्रति जागरूक करने का भी काम किया है।वहीं बिहार सरकार में विशेष सचिव वरिष्ठ आईएएस प्रदीप झा ने कहा कि प्रभाष की टीम 3 वर्षों से समाज निर्माण में तत्पर है। आईपीएस मनु महाराज ने कहा कि कोरोना वॉररियर्श के रूप में काम प्रशंसनीय है।

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