शुरू हुआ गंडक का कहर, बाढ़ के कारण गोपालगंज के एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

पटना, एमएम : बिहार में माॅनसून ने दस्तक क्या दिया मानो बिहार में आफद आ गई। एक तरफ मुसलाधार बारिश से पटना एक बार फिर डूबता हुआ नजर आ रहा है। तो दूसरी तरफ कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोगों में डर समाता जा रहा है। कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। गोपालगंज जिला में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनते जा रहा है। इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। यहां बाढ़ के पानी से करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. गोपालगंज के जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं, उसमें सदर प्रखंड का रामनगर, मेहंदिया, मकसूदपुर, जगरीटोला सहित एक दर्जन गांव शामिल हैं। इन गांवों में जाने वाले रास्ते पानी में डूब गए हैं। यहां बाढ़ के पानी का लेबल ज्यादा है जिसकी वजह से पैदल चलना भी मुश्किल है. लोग प्राइवेट नाव की सवारी कर रहे है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक अभी तक सरकार या जिला प्रशासन के द्वारा इस इलाके में किसी भी तरह की सरकारी नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। लोग खुद से प्राइवेट नाव चलाकर जरूरी काम निबाटने के लिए जिला मुख्यालय आ रहे हैं। बतादें कि गोपालगंज में हर साल करोड़ो रुपये बाढ़ से बचाव को लेकर खर्च किये जाते हैं बावजूद इसके यहां सदर प्रखंड के इन इलाको में हर साल बाढ़ का पानी मानसून के शुरू होते ही घुस जाता है जिसकी वजह से एक दर्जन गांवों के सैकड़ों लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।

रामनगर के ग्रामीणों के मुताबिक अभी जगरीटोला, खाप मसूदपुर, रामनगर , मेहंदिया, कटघरवा, पतहरा जैसे गांव बाढ़ से घिर गए है। यहां एक दो प्राइवेट नाव का संचालन किया जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अभी एक भी नाव की व्यवस्था नहीं की गयी है जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।

बतादें गोपालगंज सदर प्रखंड के मलाहीटोला और मंझरिया के बीच करीब साढ़े सोलह करोड़ रूपये की लागत से पायलट चैनल का निर्माण किया गया था। साढ़े चार किलोमीटर लम्बे इस पायलट के उद्घाटन के बाद दावा किया गया था की यहां सदर प्रखंड के नीचले इलाके में गंडक से बाढ़ जैसे हालत नहीं पैदा होंगे और गंडक की धारा भी मुख्य धारा में मुड़ जाएगी लेकिन ऐसा अबतक दिख नहीं रहा है. इस मामले में सदर सीओ विजय प्रताप सिंह ने कहा की लॉग बुक खोलकर दो नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालत हैं वो गंडक के जलस्तर बढ़ने से नहीं बल्कि वाटर लॉगिंग की वजह से हो रहे हैं।

Leave a Reply