आज से झारखंड में खुल गई कपड़े और जूतों की दुकानें, हेमंत सरकार ने जारी किया आदेश

रांची, एमएम :  देश में कोरोना संकट बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना संक्रमण के बीच अब लोगों को चरणवद्ध तरीके से कुछ छुट भी दिया जा रहा है। झारखंड में भी कोरोना तेजी से फैल रहा है। फिर भी  बढ़ते संक्रमण के बीच हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में कपड़े एवं जूतों की दुकानों को खोलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल से राज्य में कपड़ों एवं जूतों की दुकानें खुलेंगी. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का अवश्य पालन करें. भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें. मास्क जरूर पहनें।

इस संबंध में झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने 18 जून  को आदेश जारी कर दिया। जिसमें कहा गया है कि आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के सेक्शन 22(2)(एच) में मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य कार्यकारी समिति के चेयरमैन की हैसियत से मुख्य सचिव लॉकडाउन के दौरान जरूरी आर्थिक गतिविधियों की अनुमति प्रदान करते हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सीमित छूट दी जा रही है।

मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश के मुताबिक जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन के बाहर कपड़े, सिले-सिलाये वस्त्र एवं होजियरी की बिक्री की अनुमति होगी। साथ ही जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में जूते की दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी जाती है। 19 जून, 2020 से प्रभावी होने वाले इस आदेश के मुताबिक, लॉकडाउन की बाकी तमाम शर्तों में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जायेगी।

मुख्य सचिव के आदेश में साफ लिखा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 मई को लॉकडाउन को 30 जून, 2020 तक बढ़ाने का फैसला किया था। इस दौरान कुछ सख्त दिशा-निर्देश जारी किये गये थे। इसमें राज्यों को कुछ जगहों पर अपने विवेक के आधार पर छूट देने का विशेषाधिकार दिया गया था। इसलिए झारखंड सरकार ने कपड़े और जूते की दुकानों को खोलने की अनुमति देने के साथ सभी जिला प्रशासन से कहा है कि वे 30 जून को जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करवाना सुनिश्चित करें।

इस फैसले के बाद राज्य के तमाम व्यापारिक संगठन ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है की इससे जीवन पटरी पर लौटेगी। दुकान खुलने के बाद शहरों में चहलकदमी तेज हो गई है। लोग भी सतर्कता के साथ बाहर निकलने लगे हैं। दुकानदार भी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं की एक समय में ज्यादा भीड़ भाड़ ना हो सके। तमाम एतियात के बाद दुकानदारों में एक सकुन है।

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