झारखंड के निजी अस्पतालों में भी अब हो सकेंगे कोरोना का इलाज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

राँची, एमएम : झारखंड सरकार ने अब राज्य के निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए अनुमति दे दिया है। अब इस फैसले के बाद राज्य के विभिन्न निजी अस्पतालों में अन्य बीमारियों के साथ कोरोना का भी इलाज कराया जा सकता है। अब राज्य के निजी अस्पतालों में गंभीर रोगों के इलाज के लिए भर्ती मरीजों के कोरोना संक्रमित निकलने पर उनका इलाज वहीं हो सकेगा। राज्य सरकार ने इस बाबत सभी निजी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी निजी अस्पताल अपने यहां एक आयसोलेशन वार्ड बनाएंगे। उस अस्पताल में जो भी मरीज संदिग्ध मिलेंगे उन्हें आयसोलेशन वार्ड में तब तक रखा जाएगा, जब तक उनकी कोरोना जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती है। रिपोर्ट यदि पॉजिटिव पाई जाती है तो उनका इलाज उसी अस्पताल में किया जाएगा। बतादें पहले निजी अस्पताल भर्ती मरीजों के कोरोना संक्रमित निकलने पर उन्हें सरकारी कोविड अस्पताल भेज देते थे।

एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाईडर्स ऑफ इंडिया के राज्य शाखा के अध्यक्ष योगेश गंभीर ने कहा है कि सरकार ने निजी अस्पतालों को कोविड मरीजों के इलाज करने का निर्देश तो दे दिया है, लेकिन इसका अन्य मरीजों पर असर पड़ेगा। सामान्य व्यक्ति की तुलना में मरीजों और बुजुर्गों को कोविड-19 के संक्रमण का खतरा सर्वाधिक होता है। जहां तक आयसोलेशन वार्ड की बात है तो यह जरूरी है, होना चाहिए। लेकिन, बहुत से ऐसे अस्पताल हैं जो एक ही भवन में संचालित हैं, मरीज और परिजनों के आने जाने का रास्ता एक है, रिसेप्शन एक है। ऐसे में अन्य मरीजों के संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।

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