झारखंड सरकार का सख्त निर्देश, फीस नहीं जमा करने पर बच्चों का नाम काटा तो स्कूल की मान्यता हो सकती है रद्द

रांची, एमएम  : कोरोना के चलते सभी राज्यों में स्कूल कॉलेज बंद है। लेकिन प्राइवेट स्कूल की मनमानी जारी है। अब इसी पर झारखंड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग यानि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार 25 जून, 2020 को एक आदेश जारी कर कुछ सख्त निर्देश जारी किये हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में स्कूल फीस जमा नहीं करने की वजह से किसी भी छात्र का नामांकन रद्द नहीं किया जायेगा। इतना ही नहीं, ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था की सुविधा से भी वंचित नहीं किया जायेगा।

साथ ही विभाग द्वारा जारी में आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 के दौरान स्कूल फीस में कोई वृद्धि नहीं होगी। स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले तक मात्र शिक्षण शुल्क ही लेंगे। स्कूल में जितने भी बच्चे हैं, सभी को बिना किसी भेदभाव के ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए सभी बच्चों को आइडी और पासवर्ड के साथ ऑनलाइन शिक्षण सामग्री उपलब्ध करायेंगे।

स्कूलों से यह भी कहा गया है कि जब तक स्कूल बंद रहेंगे, तब तक किसी भी प्रकार का वार्षिक शुल्क, यातायात शुल्क या अन्य किसी प्रकार का शुल्क अभिभावकों से नहीं वसूला जायेगा। स्कूल खुलने के बाद इसके समान अनुपात में फीस ले पायेंगे. विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी परिस्थिति में अभिभावकों से विलंब शुक्ल नहीं लिया जायेगा।

विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशान नहीं करने की हिदायत के साथ ही शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं करने का भी आदेश दिया है। इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन कोई नया मद बना करके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं बना सकता है। सरकार ने स्पष्ठ कहा है कि इन आदेशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों का सरकार अनापत्ति प्रमाण पत्र रद्द कर सकती है।

बतादें की 15 दिन पहले शिक्षा विभाग द्वारा इस बात की घोषणा हुई थी। लेकिन अभी तक आदेश नहीं जारी किया गया था। अभिभावकों को स्कूल फीस जमा करने के लिए दबाव बना रहा था। इसलिए पिछले दो दिन से अभिभावक लोग सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगा प्रदर्शन कर रहे थे।

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