मिस्टर आईपीएल सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

दिल्ली, एमएम : जहां एक तरफ देश 74वां स्वतंत्रता दिवस की ख़ुशी मना रहा था। वहीं शाम करीब 7:30 बजे कैप्टेन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से सन्यास की घोषणा अपने इन्स्टाग्राम के माध्यम से देकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से आजाद हो गए। ठीक उसके कुछ ही मिनट बाद सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। भारतीय टीम के बल्लेबाज रहे सुरैश रैना ने ट्वीट के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। IPL के 13वें सीजन से ठीक पहले दोनों खिलाड़ियों को यूं अचानक इस खेल को अलविदा कह जाना काफी कुछ कहता है। माही जहां विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल मुकाबले के बाद से मैदान पर नजर नहीं आए तो रैना भी लंबे वक्त से टीम इंडिया में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे थे।

इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के दो धुरंधरों ने संन्यास की घोषणा कर सबको चौंकाया है। बाएं हाथ के इस धुरंधर बल्लेबाज ने साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ महज 19 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था। रैना भारत की तरफ से टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक बनाने वाले पहला भारतीय बल्लेबाज बने थे।

वनडे में डेब्यू करने के 5 साल बाद साल 2010 में उनको अपना पहला टेस्ट मैच खेलने मिला था। श्रीलंका के खिलाफ ही रैना ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।

सुरेश रैना ने अपने ऑफिशियरल इंस्टाग्राम से केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायडू, कर्ण शर्मा और मोनू सिंह के साथ एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन दिया- यह आपके साथ खेलना काफी प्यारा रहा महेंद्र सिंह धोनी। पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपकी इस यात्रा में शामिल होना चाहता हूं। शुक्रिया भारत। जय हिंद।

महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना के रिटायरमेंट के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों पूर्व क्रिकेटर गले लगते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सुरेश रैना, टीम इंडिया का वो खब्बू बल्लेबाज, जो अपने घुटने को क्रीज पर टिकाकर, बल्ले का पूरा भार गेंद के पीछे ले जाकर एक खास शॉट बनाता, जिससे गेंद सीमा रेखा के पार ही गिरती। रैना के पिता कश्मीर और मां हिमाचल की रहने वाली हैं, लेकिन कुछ दिकक्तों के चलते उनके परिवार को कश्मीर छोड़ना पड़ा। इसकी वजह से सुरेश रैना का जन्म हुआ दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मुरादनगर में।

सुरेश रैना ने टीम इंडिया के लिए वन-डे डेब्यू साल 2005 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में किया। 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 में पदार्पण का मौका मिला और टेस्ट डेब्यू हुआ साल 2010 में श्रीलंका के खिलाफ। सुरेश रैना टीम इंडिया के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट, वन-डे, टी-20 और टेस्ट में शतक लगाया है। 2010 के बाद से रैना ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया, खूब रन बनाए और टीम को जीत दिलाई। उनके इस कौशल के कारण फैंस ने उनको मिस्टर भरोसेमंद कहना शुरू कर दिया।

साल 2005 में वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रैना मिडिल ऑर्डर में तेज-तर्रार बल्लेबाजी, कामचलाऊ स्पिन गेंदबाजी और अपनी जबर्दस्त फील्डिंग के चलते काफी चर्चा में रहे हैं।  रैना ने भारत के लिए 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इस बीच उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 7000 से ज्यादा रन बनाए हैं।

सुरेश रैना ने टेस्ट क्रिकेट में 768 रन बनाए। इसमें एक शतक और  7 अर्धशतक  शामिल रहे। वनडे इंटरनैशनल में रैना के नाम 5615 रन दर्ज हैं, जिसमें 5 शतक और 36 अर्धशतक शामिल हैं। रैना का वनडे में बेस्ट स्कोर नाबाद 116 रन रहा। 78 टी-20 में रैना ने कुल 1605 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।

सुरेश रैना ने सबसे कम उम्र में टी-20 में टीम इंडिया की अगुवाई की, जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने टीम की कमान संभाली। तब उनकी उम्र 23 साल 197 दिन थी। रैना ने टीम इंडिया को अनगिनत मुकाबले जिताए, मैदान पर अपनी फुर्ती से रन आउट कर मैच पलटने का दम रैना के भीतर कूटकर भरा था। आईपीएल में वह चेन्नई सुपर किंग्स के पॉपूलर चेहरों में से एक हैं। टी-20 फॉर्मेट में रैना का खेल निखरकर आता है और इसलिए शायद उन्हें मिस्टर आईपीएल की उपाधी दी गई है।

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