सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी समेत 14 जिलों पर मंडराया बाढ़ का खतरा, कोसी, कमला बलान, बागमती और महानंदा खतरे के निशान को किया पार

पटना, एमएम : बिहार में पिछले एक सप्ताह से विभिन्न जिलों में लगातार बारिश हो रही है। लगातार बारिश के चलते उत्तर बिहार में कई जगह बाढ़ की स्थिति है। लगभग सारी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बक्सर में गंगा का पानी ऊपर चढऩे लगा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश से महानंदा, बागमती, कमाल बलान एवं कोसी खतरे के निशान को पार कर गईं हैं। बतादें कि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश की आशंका जताई है। इससे बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

विभिन्न नदियों के नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्रों में अगले दो दिन में 10 से 30 सेमी बारिश के आसार के चलते उत्तर बिहार की अधिकतर नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। कोसी, बागमती, कमला बलान एवं महानंदा सोमवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। इस दौरान राज्य में कई स्थानों पर करीब 50 मिमी से अधिक बारिश हुई है।

महानंदा नदी ढेंगराघाट में 105 सेमी तो पूर्णिया में 52 सेमी ऊपर बह रही है। कमला बलान का जलस्तर जयनगर और झंझारपुर में लाल निशान से ऊपर है। जयनगर में 30 सेमी और झंझारपुर में पांच सेमी लाल निशान से ऊपर के स्तर पर है। ढेंग पुल के पास बागमती का जलस्तर 39 सेमी और सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में 66 सेमी ऊपर है। बेनीबाद में भी 20 सेमी ऊपर है।

नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्र में अगले 48 घंटे के दौरान बारिश की चेतावनी है। इसलिए बागमती किनारे के इलाकों को सतर्क किया गया है। कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा है। गंडक बराज के पास डिस्चार्ज करीब डेढ़ लाख क्यूसेक है। बसुआ में कोसी खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर है। जबकि, बालतारा में 60 सेमी ऊपर बह रही है। मिल रही जानकारी के मुताबिक पुनपुन, लालबकेया और अधवारा समूह की नदियों का पानी भी बढ़ रहा है।

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