कुशेश्वर, कपिलेश्वर, हरिहरनाथ समेत सावन में बंद रहेंगे बिहार के सभी शिव मंदिर, धार्मिक न्यास परिषद ने जारी किया दिशा-निर्देश

पटना, एमएम :  बिहार के शिव भक्तों को इस बार निराशा हाथ लगी है। सावन में बिहार के लोग बड़े ही धूमधाम से कांवड़ यात्रा पर जाते थे। सावन का महिना हो और भक्त बाबा भोलेनाथ को जल अर्पण ना करें ये पहली बार हो रहा है। मालूम होगा कि भगवान भोलेनाथ का सबसे पसंदीदा महिना सावन 6 जुलाई से शुरू हो रहा है। बिहार समेत पुरे देश में कोरोना संकट चल रहा है। ऐसे में कोरोना जैसे संक्रमित बीमारी से बचने के लिए केंद्र से राज्य सरकार तक कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर है। इसी के तहत  सावन महिना में कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका के मद्देनजर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने हरिहर मेला, बाबा वैद्यनाथ धाम मेले को पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। साथ ही बिहार के शिव मंदिरों को भी चार अगस्त तक बंद कर दिया है। इनमें वैसे सभी शिव मंदिर शामिल हैं, जहां सावन में मेला, जलाभिषेक, कांवर यात्रा का आयोजन किया जाता है।

बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आलोक में बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के आलोक में दिशा-निर्देश जारी किया गया हैं । मालूम हो कि सरकार ने कोरोना महामारी को लेकर सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं अन्य किसी प्रकार के भीड़ या समूह में होनेवाले आयोजन पर पूर्ण रोक लगा रखी है।

सावन में श्रद्धालुओं के जनसमूह से कोरोना महामारी का संक्रमण फैलने की संभावना के मद्देनजर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने प्रदेश के सभी जिले के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श कर इस तरह का फैसला लिया है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि कोरोना जैसी महामारी से स्वयं और परिवार को बचाने की कोशिश करें। मानव धर्म का पालन करते हुए घरों में ही आराधना और पूजा-पाठ करें।

धार्मिक न्यास ने बिहार के सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता फैला कर कोरोना वायरस के फैलते हुए संक्रमण को रोकने के लिए जन सहयोग का आह्वान करें। साथ ही सावन में पूजा घर पर ही करने की सलाह दें। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन करने की सलाह दें। साथ ही कहा है कि सभी मंदिरों में परिषद के पूर्व आदेश के अनुसार पूजा-पाठ जारी रहेगी।

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