दंगे की आग में जलने से बचा मधुबनी, दो समुदायों के लोग हो गए थे आमने-सामने

मधुबनी, एमएम : कहते हैं सबको समाज की जरूरत पड़ती है। समाज के बिना राष्ट्र की परिकल्पना अधूरी है। अंततः हरेक परिस्थिति में अपने समाज में ही लौटना पड़ता है। समाज आपके हरेक परिस्थिति में दुःख-सुख में हमेशा साथ रहता है। जब समाज आपके साथ हो तो आप किसी भी स्थिति का सामना आसानी से कर सकते हैं। एक ऐसे ही सामाजिक पहल से मधुबनी जिले के सकरी में सामुदायिक दंगे से बचा लिया।  साम्प्रदायिकता के आग में समाज को जलने से बचा लिया।  मामला बिगड़ने पर पुलिस-प्रशासन ने भी तेजी दिखाई, लेकिन सामाजिक पहल ने कानून को दरकिनार करते हुए सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया। फिलहाल, स्थिति नियंत्रित है और दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ मिल बैठकर समस्या का समाधान करने में जुट गए हैं।

दरअसल सोमवार की देर शाम बिगड़ी स्थिति अब काबू में है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम कनकपुर के लोगों का जत्था सोरीपट्टी पहुंच तोड़फोड़ और मारपीट करने लगा। इसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई। मोकरमपुर और नरपतिनगर पंचायत में स्थिति बेकाबू होने लगी।

दो समुदायों के लोग आमने सामने हो गए। लेकिन, सूचना मिलते ही सदर एसडीओ, एसडीपीओ कई थानों की पुलिस व दंगा निरोधी दस्ता के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों को समझाया गया। कुछ देर बाद दोनों पक्षों के गणमान्यों ने भी पहल की और बेकाबू हो रहे हालात काबू में आ गए। पुलिस-प्रशासन कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन का इंतज़ार कर रहा था, लेकिन दोनों पक्षों ने समझदारी दिखाते हुए पुलिस-प्रशासन को सामाजिक स्तर पर मामला सुलझाने की बात करते हुए कानूनी कार्रवाई से रोक दिया।

पुलिस-प्रशासन ने भी राहत की सांस ली और सामाजिक पहल को सराहा। बहरहाल, स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्ष के लोग एक-दूसरे के सम्पर्क में है और मामले को सुलझाने में जुटे हैं। बताया जाता है कि कृष्णाष्टमी पूजा मेला के दौरान कनकपुर और सोरीपट्टी के दो पक्षों के बच्चों के बीच विवाद हुआ था, जिसने सोमवार की शाम उग्र रूप ले लिया था।

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