कोई हमारी सीमा में घुसपैठ नहीं कर सकता, भारत माता को डराने वालों को उसी की भाषा में दिया जाएगा जबाब : प्रधानमंत्री मोदी

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम : प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारत चीन सीमा विवाद पर शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक की शुरुआत में चीन सीमा पर गलवन घाटी में हिंसक झड़प के दौरान शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस बैठक में देश के करीब 20 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिसमें मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व विभिन्‍न मंत्रालयों के अधिकारी मौजूद रहे। यह वर्चुअल बैठक थी।

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक दलों से कहा, ‘न तो चीन ने हमारी सीमा में घुसपैठ की है और न ही कोई पोस्ट बनाया गया है। हमारे 20 जवान शहीद हो गए, लेकिन जिन लोगों ने भारत माता को याद किया, उन्हें सबक सिखाया गया। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक दलों से कहा, ‘आज हमारे पास यह क्षमता है कि कोई भी हमारी जमीन के एक इंच हिस्से को भी नहीं ले सकता है। भारत की सशस्त्र सेना एक बार में कई क्षेत्रों में जाने की क्षमता रखती है।’ राष्ट्र के सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी आवश्यक मूलभूत भौतिक संरचना की आवश्यकता होगी सरकार करती रहेगी।  हमने सेना को आवश्पूयक कार्रीरवाई के लिए पूरी छूट दे रखी है। पीएम ने सभी दलों को आश्वस्त किया की देश की सीमा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विपक्षी नेताओं को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद के मौजूदा हालात की जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने विपक्षी नेताओं को यह भी बताया कि भारतीय सेना किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है।

 

बैठक में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि जब चीनी घुसपैठ की जानकारी सामने आई, तो उसके तुरंत बाद ही सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। राष्ट्र की अखंडता और रक्षा के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा है। साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। अब राष्ट्र को आश्वासन की जरूरत है कि यथास्थिति बहाल की जाए। माउंटेन स्ट्राइक कोर की वर्तमान स्थिति क्या है? विपक्षी दलों को नियमित रूप से जानकारी दी जानी चाहिए। सोनिया गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर किस दिन लद्दाख में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कब जानकारी सरकार को मिली?  इतना ही नहीं सोनिया ने सवालों की बौछार लगा दी।

शिवसेना प्रमुख और महाराष्‍ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि  हम सब एक हैं। यह भावना है। हम आपके साथ हैं, पीएम हम अपने सुरक्षा बलों और उनके परिवारों के साथ हैं। भारत शांति चाहता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हैं। चीन का स्वभाव विश्वासघात का है। भारत मजबूत है, मजबूर नहीं। हमारी सरकार में इतनी क्षमता है कि आंखें निकालकर हाथ में दे दे।

जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा कि चीन के खिलाफ देशव्यापी गुस्सा है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। हम साथ हैं। पार्टियों को किसी भी तरह की असमानता नहीं दिखानी चाहिए, जो अन्य देशों द्वारा खोजी जा सकती है। भारत पर चीन का रुख ज्ञात है। भारत चीन को सम्मान देना चाहता है, लेकिन चीन ने 1962 में क्या किया। हमारा कर्तव्य है कि हम एक हों और केंद्र का समर्थन करें।

समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि देश एक है। पाकिस्तान और चीन की ‘नीयत’ अच्छी नहीं है। भारत चीन का डंपिंग ग्राउंड नहीं है इसलिए चीनी सामानों पर 300 फीसद शुल्क लगाया जाय।

एनसीपी प्रमुख और पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार ने कहा कि सैनिकों ने हथियार उठाए या नहीं, इसका फैसला अंतरराष्ट्रीय समझौतों से होता है। हमें ऐसे संवेदनशील मामलों का सम्मान करने की जरूरत है।

वहीँ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि देश की अखंडता के लिए हम सरकार के साथ हैं। ममता बनर्जी ने चीन के मामले पर केंद्र से पारदर्शिता की मांग की।

बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा, हम पूरी तरह से और बिना शर्त सरकार के साथ खड़े हैं। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय सरकार को कुछ कठोर निर्णय लेने होंगे। बीजेडी और नवीन पटनायक की ओर से हम पीएम को यह बताने का इरादा रखते हैं कि हम जो भी निर्णय लेते हैं, उसमें केंद्र के पीछे ठोस रूप से खड़ा है चाहे उसका राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य आयाम हों।

एनपीपी के कोनराड संगमा ने कहा कि सीमा के साथ बुनियादी ढांचा का काम नहीं रुकना चाहिए। म्यांमार और बांग्लादेश में चीन प्रायोजित गतिविधियां चिंताजनक हैं। पीएम नॉर्थ ईस्ट बुनियादी ढांचे पर काम कर रहे हैं और यह चल रहा है।

डीएमके के एमके स्टालिन ने कहा कि जब हम देशभक्ति की बात करते हैं तो हम एकजुट होते हैं। उन्होंने चीन के मुद्दे पर पीएम के हालिया बयानों का भी स्वागत किया।

सर्वदलीय बैठक के दौरान सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि हमें पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है। इससे पहले भी, जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आई है, तो पीएम ने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

टीआरएस के प्रमुख और तेलंगाना के सीएम केसीआर ने कहा कि कश्मीर पर पीएम की स्पष्टता ने चीन को नाराज कर दिया है। कश्मीर के विकास पर पीएम के जोर ने भी चीन को नाराज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएम के आत्म निर्भर भारत के आह्वान ने चीन को झकझोर दिया है।

सीपीआई के डी राजा ने कहा कि हमें अपने गठबंधन में अमेरिकी प्रयासों का विरोध करने की आवश्यकता है। सीपीआई (एम) के सीताराम येचुरी ने पंचशील के सिद्धांतों पर जोर दिया।

 

इस बैठक में उन्ही पार्टियों को आमंत्रित किया गया है, जो मुख्य राष्ट्रीय राजनीतिक दल हों या जिन पार्टियों के लोकसभा में पांच सांसद हों। ज्ञात हो की इस बैटक में आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल को आमंत्रित नहीं किया गया था।

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