नहीं सुलझ रहा महागठबंधन में गांठ, कांग्रेस की मध्यस्थता के बाद भी राजद और हम के बीच दूरी बरकरार

पटना, एमएम : ये बिहार है साहेब। यहाँ का बच्चा राजनीति का दांव पेंच जानता है। या यूँ कहें चाय की दुकान हो गली कसबे की चौक चौराहा सब जगह राजनीतिक चर्चा आम बात है। बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार में सभी राजनीतिक दल जहां इस साल के अंत में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं, वहीं विपक्षी दलों के महागठबंधन में समन्वय स्थापित करने को लेकर ‘समन्वय समिति’ बनाने को लेकर अभी भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। हालांकि कांग्रेस इस मसले को लेकर एक सप्ताह का ‘अल्टीमेटम’ दिया है, लेकिन हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल में इस मामले को लेकर खींची तलवार अभी भी म्यान में वापस जाती नहीं दिख रही है।

बतादें कि इस पेंच को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्षया सोनिया गाँधी तक प्रयास कर चुकी हैं। हम प्रमुक मांझी से दिल्ली तक में बात तब ऐसी उम्मीद जगी थी, कि अब महागठबंधन में समन्वय समिति को लेकर समन्वय स्थापित हो जाएगा। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के समन्वय समिति की मांग को राजद द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने के बाद कांग्रेस की मध्यस्थता से ऐसे आसार बनने लगे थे कि सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा। लेकिन, मांझी के दिल्ली से पटना लौटने और हम की कोर समिति की बैठक के बाद एक बार फिर से दोनों दलों के बीच तनातनी दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो भाजपा भी हम के प्रमुख जीतन राम मांझी के संपर्क में है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि हम के प्रमुख एक बार फिर पाला बदलकर राजग में जा सकते हैं। इस बीच, मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ कर इसके संकेत भी दे चुके हैं।

हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान भी कहते हैं, सोनिया गांधी ने महागठबंधन के दलों के साथ बैठक में समन्वय समिति को लेकर एक सप्ताह में समस्या निपटा लेने की बात कही थी। अभी तीन दिन का समय बाकी है। इसके बाद ही हम कोई निर्णय पर पहुंचेगी। इस बीच, राजद और हम में तानातनी भी देखने को मिली है। राजद ने जहां हम को समन्वय समिति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से बात करने को कहा तो हम ने भी फतुहा प्रखंड अध्यक्ष से इस मुद्दे को लेकर वार्ता करने का निमंत्रण देकर हमने महागठबंधन में जल रही आग में घी डालने का काम कर दिया।

राजद की मानें तो हम द्वारा दिए गए इस मजाकिया आमंत्रण से आघात लगा है। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी समन्वय समिति की मांग की बात को सिरे से खारिज करते नजर आ रहे हैं, उनका कहना है कि महागठबंधन में अब तक ऐसी कोई समिति नहीं बनी है। इधर, हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने राजद नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी है।

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