धोनी नहीं हैं तो क्या हुआ, मैं उन पर निर्भर नहीं : कुलदीप यादव

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम : लगता है अब महेंद्र सिंह धोनी का यूग खत्म होने वाला है।  दरअसल ये बात भारतीय टीम के गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान कही है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापिसी की संभावना नहीं दिखने पर ऐसा ब्यान दिया गया हो । आपको बतादें कि कुलदीप यादव ने साल 2017 में भारत के लिए डेब्यू किया था और उसके बाद उन्होंने टीम के लिए अच्छी गेंदबाजी करते हुए लिमिटेड ओवर के फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की की। इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में भी जगह मिली और स्पिन गेंदबाजी में वो एक बड़े टैलेंट के तौर पर उभरे। 2019 वनडे वर्ल्ड कप के बाद उनका प्रदर्शन बड़ा साधारण स्तर का हो गया और कई को ये लगा कि एम. एस. धोनी  की गैरमौजूदगी की वजह से ये चाइनामैन स्पिनर उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर पा रहा जैसा कि शुरुआत में कर रहे थे।

कुलदीप यादव ने एक अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को इंटरव्यू दिया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या धोनी के नहीं होने का असर उनकी गेंदबाजी पर पड़ा है, क्योंकि माही कीपिंग के वक्त विकेट के पीछे से हमेशा ही उन्हें गाइड किया करते थे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि माही भाई मुझे हमेशा गाइड करते थे, क्योंकि विकेटकीपर हमेशा ही गेंदबाज का सबसे अच्छा जज होता है। उनके पास काफी ज्यादा अनुभव था और उन्हें इस बात का आइडिया था कि क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज किस तरह से खेलेगा।

कुलदीप ने कहा कि ये सबकुछ टीम वर्क होता है, लेकिन 2019 वनडे वर्ल्ड कप के बाद माही भाई के नहीं खेलने की वजह से मुझे किसी के सामने कुछ साबित करने की जरूरत नहीं। मुझे ये कहने की जरूरत नहीं है कि क्या मैं  उन पर निर्भर था। अब मैं आगे अपनी गेंदबाजी को और बेहतर करने की कोशिश कर सकता हूं और जैसा कि मैंने कहा वो एक टीम वर्क है। यानी कुलदीप साफ तौर पर ये कहना चाह रहे थे कि वो धौनी पर निर्भर नहीं है।

पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद कुलदीप ने सिर्फ तीन टी20 इंटरनेशनल मैच खेले और चार विकेट लिए। उनका औसत 13.76 का रहा, जबकि उनका इकोनॉमी रेट 10.37 का कहा। वहीं, 8 वनडे मैचों में इस 25 साल के गेंदबाज ने 10 विकेट लिए और उनका औसत 48.90 का रहा जबकि इकोनॉमी रेट 6.11 का रहा। इस बात से कोई इंकार नहीं है कि स्टंप के पीछे धौनी की मौजूदगी में कुलदीप एक अलग खिलाड़ी लग रहे थे, लेकिन इस दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की संभावना नहीं होने के कारण, इस स्पिनर को लंबे समय तक करियर बनाने के लिए खुद को पुनर्विकास करने की जरूरत है।

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