यशवंत सिन्हा ने की नए चुनावी मोर्चा की घोषणा, बिहार के विकास में नीतीश को बताया रोड़ा

पटना, एमएम : बिहार में चुनावी राजनीति बढ़ती जा रही है। जैसे जैसे समय नजदीक आ रहा है चुनावी हलचल बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सत्ताधारी दल हो या विपक्ष दोनों जनता को अपने पक्ष में करने के लिए हर दाव पेंच आजमा रहे हैं। इतना ही नहीं जो किसी ना किसी दल को छोड़ चुके हैं या निकल दिए गए वो लोग भी भला कहाँ चुप बैठने वालों में हैं। ऐसे मई पूर्व केंद्रीय मंत्री वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को एक नया भूचाल ला दिया। उन्होंने बिहार में एक नए राजनीतिक विकल्प की घोषणा कर दी। और कहा कि उनका फ्रंट बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेगा। उन्होंने खुद भी चुनाव लड़ने के संकेत दिये।

दरअसल शनिवार को एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उनके साथ पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद अरुण कुमार, पूर्व मंत्री नागमणि, रेणु कुशवाहा, पूर्व विधायक सिद्धनाथ राय, अशफाक रहमान, एलजेपी (एस) के नेता सत्यानंद शर्मा आदि नेता मौजूद थे। उन्होंने इस बार ‘बदलो बिहार’ का नारा दिया। यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनका फ्रंट मजबूती से चुनाव लड़ेगा। यह भविष्य तय करेगा कि वे तीसरे फ्रंट हैं या पहले फ्रंट हैं।

प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि नीतीश सरकार अपने 15 साल के कार्यकाल के आधार पर विफल है। इसी कारण नए मोर्चे के गठन की आवश्यकता पड़ी। अभी कई नेता उनके संपर्क में हैं और ये सारे लोग इस मोर्चे में शामिल होंगे। आरोप लगाया कि बिहार की बदहाली के लिए राज्य सरकार दोषी है। कहा कि बिहार वर्चुअल रैली या वर्चुअल चुनाव अभियान संभव नहीं है। परंपरागत ढंग से ही चुनाव अभियान चलाया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को सारे मामले पर विचार करना चाहिए।

अब यह तो भविष्य ही तय करेगा की यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाली तीसरे गठबंधन आने वाले विधान सभा चुनाव में कितना कारगर सिद्ध होती है। वैसे राजनीतिक हलकों में मुद्दा गरम है कि यदि नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव लड़ेगे तो उनके खिलाफ यशवंत सिन्हा चुनाव लड़ सकते हैं। इतना ही नहीं जो पूर्व सांसद या विधायक इस गठबंधन में शामिल हैं वो किसी ना किसी बड़े चेहरे के सामने चुनाव लड़ेंगे। बतादें की वरतम में नीतीश कुमार बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।

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