कोरोना के कारण लोकसभा और राज्यसभा समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

दिल्ली, एमएम : कोरोना महामारी के कारण लोकसभा और राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। संसद का यह सत्र 1 अक्टूबर तक चलने वाला था। लेकिन करना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पहले ही बंद करना पड़ा। हालांकि मॉनसून सत्र के दौरान विवादित कृषि संबंधी तीन अध्यादेशों के साथ कई अहम बिलों को पारित करा लिया गया था।

संसद का मॉनसून सत्र अपने निर्धारित समय से करीब 8 दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। छोटी सी अवधि होने के बावजूद राज्यसभा में सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया गया, जबकि हंगामे के कारण आठ विपक्षी सदस्यों को रविवार को शेष सत्र के लिए निलंबित भी कर दिया गया था।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा क्योंकि इस दौरान उच्च सदन के सदस्यों को बैठने की नई व्यवस्था के तहत पांच अन्य स्थानों पर बैठाया गया। ऐसा उच्च सदन के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

इसके अलावा सदन ने लगातार दस दिनों तक काम किया। शनिवार और रविवार को सदन में अवकाश नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया गया या लौटा दिया गया। इसी के साथ छह विधेयकों को पेश किया गया। सत्र के दौरान पारित किए गए विधेयकों में कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक, महामारी संशोधन विधेयक, विदेशी अभिदाय विनियमन संशोधन विधेयक, जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक शामिल हैं।

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