मधुबनी में भारी बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त, जिला जज का घर बना टापू, धौस नदी उफान पर

मधुबनी, एमएम : पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।जयनगर प्रखंड मुख्यालय से लेकर ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव हो गया है। लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्टेट हाइवे मुख्य सड़क में रामजानकी चौक पर सड़कें झील में तब्दील हो चुकी हैं। लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं मधवापुर से बासुकी चौक जाने वाली जर्जर व क्षतिग्रस्त सड़क पर बड़े-बड़े गढ़ों में पानी भर जाने से सड़क का वजूद मिट गया है।

इधर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण मुरारी शरण का आवासीय परिसर पिछले दो दिनों की बारिश के कारण टापू में तब्दील हो गया है। वहीं परिसर स्थित एक विशाल पेड़ के गिरने से लोग दहशत में आ गए। संयोग से पेड़ भवन पर नहीं गिरा। वहीं परिसर में जल जमाव के कारण कीड़े, मकोड़े, सांप व बिच्छू का भय सताने लगा है। आवास से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। साथ ही कोर्ट कर्मी वहां जाने से कतरा रहे है। हालांकि नगर परिषद के सिटी मैनेजर नीरज कुमार झा ने बताया कि जिला जज के आवास तथा अन्य आवासीय परिसर से जल निकासी के लिए मोटर पंपिंग सेट लगाया जा रहा है। जल्द ही परिसर से जल की निकासी होगी।

लौकही में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मानसूनी वर्षा से खेतों में बाढ़ जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है। वहीं नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों को घर से निकलने मे भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यही हाल है साननपटी ककड़डोभ, नरहिया और ककड़डोभ गांव का भी है। यहां लौकही बनगामा सड़क पर जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।

दूसरी तरफ पिछले चार दिनों से नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से प्रखंड के मध्य होकर बहने वाली अधवारा समूह की धौंस, यमुनी, सिमरा, रातो एवं मरहा आदि नदियों का जलस्तरतेजी से बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे बसे गांव के लोग पिछले साल आई प्रलयंकारी बाढ़ को याद कर सहमे हुए हैं। हालांकि, अब भी पानी नदी की पेटी में ही है। मगर, गांव के लोग बाढ़ की विभिषिका से भयभीत है। क्योंकि धौंस नदी के दोनों किनारों का सुरक्षा तटबंध कई जगहों पर टूटा हुआ है। जिसकी अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। अगर बाढ़ आई तो नदी किनारे बसे साहरघाट, बसवरिया, पिहवारा, उतरा, बैंगरा, सलेमपुर, बोकहा, पहिपुरा, लोमा, विशनपुर, त्रिमुहान, करहूंआ, अंदौली, पिरौखर सहित करीब दर्जनों गांव में भयंकर तबाही मचाएगा। इन गांवों के लोग अभी से बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं।

मालूम हो कि धौंस नदी का जलस्तर मधवापुर, यमुनी नदी का जलस्तर ब्रह्मपुरी, रातो नदी का जलस्तर पिरौखर में काफी तेजी से बढ़ रहा है। बतादें कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान साहरघाट, पिहवारा, विशनपुर, पिरौखर समेत करीब पांच जगहों पर धौंस नदी का सुरक्षा तटबंध टूट जाने से चार दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी। सुरक्षा तटबंध टूटे रहने के कारण लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।

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